Israel Iran Conflict: ईरान के एनर्जी ठिकानों पर हमले की तैयारी में इज़राइल, ट्रंप की डेडलाइन के बीच बढ़ा तनाव
इज़राइल और ईरान के बीच जारी तनाव अब एक नए और गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। इज़रायली ब्रॉडकास्टिंग अथॉरिटी की रिपोर्ट के अनुसार, इज़राइल अब ईरान के प्रमुख ऊर्जा ठिकानों यानी एनर्जी फैसिलिटीज़ पर बड़ा हमला करने की योजना बना रहा है। इस हमले को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दी गई समय सीमा (डेडलाइन) के करीब आने से जोड़कर देखा जा रहा है। इज़राइल के सुरक्षा और राजनीतिक नेतृत्व ने इस दिशा में आगे बढ़ने का समर्थन किया है।
इज़राइल की योजना और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
रिपोर्टों के मुताबिक, इज़राइल ईरान के तेल और गैस केंद्रों को निशाना बना सकता है। इससे पहले इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा था कि उन्होंने अमेरिका के अनुरोध पर कुछ हमलों को रोक रखा था, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने ऊर्जा ठिकानों पर हमले न करने की अपील की है और ईरान से समुद्री मार्ग की सुरक्षा का सम्मान करने को कहा है।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जल्द ही ईरान के ऊर्जा क्षेत्र में बड़े विनाश की घोषणा के संकेत दिए हैं।
- इज़राइल के भीतर हमले को लेकर राजनीतिक और सुरक्षा स्तर पर सहमति बन गई है।
- फ्रांस ने इस स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज किए हैं।
ईरान की चेतावनी और सऊदी अरब की सुरक्षा स्थिति
ईरान ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि अगर उसके ऊर्जा केंद्रों पर हमला हुआ, तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह से बंद कर सकता है। यह रास्ता दुनिया के तेल व्यापार के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस बीच, सऊदी अरब ने अपनी सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी है और हाल ही में रियाद की ओर आती तीन बैलिस्टिक मिसाइलों और कई ड्रोनों को मार गिराया है।
| संबंधित देश | महत्वपूर्ण घटना/चेतावनी |
|---|---|
| इज़राइल | ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर बड़े हमले की योजना पर विचार |
| ईरान | होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की दी धमकी |
| सऊदी अरब | मिसाइलों और 20 से अधिक ड्रोनों को मार गिराने का दावा |
| अमेरिका | राष्ट्रपति ट्रंप ने NATO की भूमिका की आलोचना की |




