ईरान के विदेश मंत्री ने पश्चिमी देशों के दोहरे रवैये पर उठाए सवाल, जर्मनी के राष्ट्रपति के बयान का किया स्वागत
ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाए जा रहे दोहरे मापदंडों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए गाज़ा और यूक्रेन के संघर्षों के बीच पश्चिमी देशों के अलग-अलग रवैये पर सवाल उठाए हैं। इस दौरान उन्होंने जर्मनी के राष्ट्रपति Frank-Walter Steinmeier द्वारा ईरान पर हुए हमलों की निंदा करने वाले बयान का स्वागत किया और इसे एक दुर्लभ कदम बताया। इस बयानबाजी के बीच मध्य पूर्व में तनाव की स्थिति बनी हुई है जिसका सीधा असर वैश्विक राजनीति पर पड़ रहा है।
जर्मनी और रूस ने मौजूदा स्थिति पर क्या कहा?
जर्मनी के राष्ट्रपति Steinmeier ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान अमेरिका और इजरायल की ईरान के खिलाफ कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी शक्ति पर दुनिया का भरोसा कम हो रहा है और इस समय एक गहरी खाई दिखाई दे रही है। दूसरी ओर, रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov ने ईरानी विदेश मंत्री के साथ फोन पर बातचीत की है। रूस ने चेतावनी दी है कि ईरान के परमाणु ठिकानों, विशेष रूप से Bushehr Nuclear Power Plant पर किसी भी तरह का हमला स्वीकार्य नहीं है क्योंकि इससे पर्यावरण को भारी नुकसान हो सकता है और रूसी कर्मियों की जान को खतरा हो सकता है।
इस विवाद का आम आदमी और व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
- ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव की वजह से Strait of Hormuz में हलचल तेज हो गई है जो तेल सप्लाई के लिए मुख्य रास्ता है।
- अगर यह तनाव बढ़ता है तो आने वाले समय में पेट्रोल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा सकती है जिसका असर प्रवासियों की जेब पर पड़ेगा।
- अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान की सैन्य ताकत को काफी नुकसान पहुँचाया गया है और बातचीत के प्रयास जारी हैं।
- ईरानी विदेश मंत्री Araghchi और वहां के स्पीकर Qalibaf को बातचीत के लिए 5 दिनों की छूट दी गई है ताकि मामले का समाधान निकाला जा सके।
- मध्य पूर्व में चल रही इस अस्थिरता का असर कंपनियों की कमाई और शेयर बाजार पर भी पड़ने की संभावना जताई जा रही है।





