ईरान का अमेरिका को कड़ा जवाब, कहा- अपनी हार को समझौते का नाम देना बंद करे वाशिंगटन
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के Khatam al-Anbiya मुख्यालय ने अमेरिका को बड़ी चेतावनी दी है। प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल Ebrahim Zolfaghari ने साफ तौर पर कहा है कि अमेरिका अपनी हार को समझौता या कूटनीतिक जीत बताने की कोशिश न करे। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने संघर्ष विराम को लेकर बातचीत होने की बात कही थी।
ईरान ने अमेरिकी दावों पर क्या सवाल उठाए हैं?
ईरान के सैन्य प्रवक्ता ने एक वीडियो संदेश जारी कर बताया कि अमेरिका असल में खुद से ही बातचीत कर रहा है और उसकी रणनीतिक ताकत अब बड़ी विफलता में बदल चुकी है। Zolfaghari ने चेतावनी दी कि खाली वादों का दौर अब खत्म हो चुका है और ईरान किसी भी स्थिति में अमेरिका के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि मिडिल ईस्ट क्षेत्र में अमेरिका की पुरानी आर्थिक और रणनीतिक पकड़ अब कभी वापस नहीं आएगी। ईरान ने Trump के बयानों को ‘फेक न्यूज़’ और तेल बाज़ार को गुमराह करने वाली चाल बताया है।
क्षेत्र में जारी तनाव और सैन्य स्थिति का पूरा ब्यौरा
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे इस टकराव का सीधा असर खाड़ी के देशों और वहां रहने वाले लोगों पर पड़ रहा है। 25 मार्च 2026 को ईरान की तरफ से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार स्थिति कुछ इस प्रकार है:
- ईरान ने राष्ट्रपति Trump के हमलों को 5 दिनों के लिए टालने के दावे को झूठा करार दिया है।
- IRGC ने इज़राइल और क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमलों की 88वीं लहर शुरू करने का दावा किया।
- ईरान का मानना है कि जब तक उनके सैन्य उद्देश्य पूरे नहीं होते, तब तक तेल और ऊर्जा की कीमतों में अस्थिरता बनी रहेगी।
- Kuwait, Jordan, Bahrain और Saudi Arabia में स्थित अमेरिकी बेस को लेकर ईरान ने सख्त रुख अपनाया है।
- मेजर जनरल Ali Abdollahi Aliabadi ने कहा है कि उनकी सैन्य कार्रवाई पूर्ण विजय मिलने तक जारी रहेगी।
- 28 फरवरी से शुरू हुआ यह संघर्ष अब अपने चौथे हफ्ते में पहुंच गया है जिससे बाज़ार काफी प्रभावित हैं।





