ईरान ने अमेरिका को दी कड़ी चेतावनी, कहा सेना की हर हरकत पर है पैनी नजर, ट्रंप के दावों को बताया झूठ
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर गहराता नजर आ रहा है। ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि तेहरान इस क्षेत्र में अमेरिकी सेना की हर गतिविधि और सैनिकों की तैनाती पर बारीकी से नजर रख रहा है। उन्होंने अमेरिका को आगाह किया है कि वह ईरान की अपनी जमीन की रक्षा करने की क्षमता को परखने की कोशिश न करे। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में भारी सैन्य हलचल देखी जा रही है।
क्या ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की खबरें सच हैं?
ईरानी अधिकारियों और वहां के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के उन दावों को पूरी तरह से नकार दिया है जिसमें उन्होंने दोनों देशों के बीच ‘सफल बातचीत’ होने की बात कही थी। ईरान ने इन दावों को ‘फेक न्यूज’ बताते हुए कहा कि अमेरिका ऐसे बयान देकर तेल और वित्तीय बाजार को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। संसद अध्यक्ष Ghalibaf ने स्पष्ट किया कि ईरान की तरफ से फिलहाल ऐसी कोई बातचीत नहीं हो रही है और वे किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।
क्षेत्र में सैन्य तैनाती और मौजूदा हालात की मुख्य बातें
मिडिल ईस्ट में सुरक्षा के हालात तेजी से बदल रहे हैं। अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे इस विवाद के बीच कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। अमेरिका ने अपनी ताकत बढ़ाने के लिए अतिरिक्त सैनिकों को तैनात करने का फैसला किया है, जिससे तनाव और बढ़ने की आशंका है।
- अमेरिका अपनी खास 82nd Airborne Division के हजारों सैनिकों को मिडिल ईस्ट भेजने की तैयारी में है।
- करीब 4,500 अमेरिकी मरीन सैनिक पहले से ही इस क्षेत्र के लिए रवाना हो चुके हैं।
- ईरान ने Kuwait, Jordan और Bahrain में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागने की पुष्टि की है।
- ईरान ने भरोसा दिया है कि Strait of Hormuz से गुजरने वाले गैर-दुश्मन जहाजों को कोई खतरा नहीं होगा।
- इजरायली सेना ने भी तेहरान में ईरान के कुछ सैन्य ठिकानों पर हमले करने का दावा किया है।




