US-Iran War: ट्रंप ने युद्ध खत्म होने का किया दावा, शांति योजना और हमलों के बीच तनाव जारी
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर शुरू किए गए हमले के लगभग एक महीने बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस युद्ध को लेकर बड़े बयान दिए हैं। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका ने अपने कई सैन्य लक्ष्य हासिल कर लिए हैं और युद्ध जल्द ही खत्म हो सकता है। दूसरी ओर, ईरान ने कुछ जहाजों के लिए रास्ता खोलने की बात तो कही है, लेकिन अमेरिकी सरकार के साथ चल रही किसी भी आधिकारिक बातचीत की खबरों को गलत बताया है। यह तनाव अब पूरे खाड़ी क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
📰: UAE News: ईरान से आए 9 ड्रोन को सेना ने हवा में ही मार गिराया, सुरक्षा को लेकर सरकार का बड़ा बयान।
ट्रंप के बयान और युद्ध की वर्तमान स्थिति क्या है?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मार्च के महीने में युद्ध की सफलता को लेकर कई दावे किए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान में सैन्य उद्देश्यों को पूरा कर लिया है और अब वहां निशाना बनाने के लिए बहुत कम जगह बची हैं। ट्रंप ने यहां तक दावा किया कि अमेरिका यह युद्ध जीत चुका है।
- 11 मार्च को ट्रंप ने युद्ध जल्द खत्म होने की उम्मीद जताई थी।
- ट्रंप के अनुसार, ईरानी अधिकारियों का मारा जाना एक तरह का सत्ता परिवर्तन है।
- हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर समुद्र में तेल जहाजों का रास्ता रोका गया तो हमला और तेज होगा।
- ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई में इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन हमले किए हैं।
शांति योजना और हालिया हिंसा की मुख्य बातें
25 मार्च 2026 को ट्रंप ने फिर से दोहराया कि ईरान समझौता करने के लिए बेताब है और बातचीत जारी है। उन्होंने शांति के लिए एक नया प्लान भी ईरान को भेजा है। इस पूरी प्रक्रिया में ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर और विदेश मंत्री मार्को रुबियो जैसे बड़े अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं।
| दिनांक | घटनाक्रम |
|---|---|
| 24 मार्च | ट्रंप ने ईरान से तेल और गैस से जुड़े प्रस्ताव मिलने की बात कही। |
| 25 मार्च | ईरान ने गैर-दुश्मन तेल जहाजों को रास्ता देने का ऐलान किया। |
| 25 मार्च | इजरायल पर ईरानी मिसाइल हमला हुआ, जिसमें लोग घायल हुए। |
| ताजा अपडेट | इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के एक हिस्से पर कब्जा करने की कसम खाई है। |
खाड़ी देशों और प्रवासियों पर इसका क्या असर होगा?
इस युद्ध का असर केवल ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि यूएई, सऊदी अरब, कुवैत और कतर जैसे देशों पर भी पड़ रहा है। इन देशों में अमेरिकी सेना की मौजूदगी और ईरान के जवाबी हमलों के खतरे ने सुरक्षा बढ़ा दी है। खाड़ी में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए समुद्र और हवाई रास्तों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता है। अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ता है, तो तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। फिलहाल ईरान ने कुछ राहत देने के संकेत दिए हैं, लेकिन युद्ध के मैदान में गोलाबारी अब भी जारी है।




