फिलिस्तीनी राजदूत का बड़ा बयान, कहा इजरायल और अमेरिका की जंग से बढ़ रही है आम लोगों की मुसीबत, भारत से मांगी मदद
भारत में फिलिस्तीन के राजदूत Abdullah Abu Shawesh ने हाल ही में ANI को दिए इंटरव्यू में वेस्ट एशिया के हालात पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने वर्तमान स्थिति को सिर्फ एक संकट नहीं बल्कि एक स्पष्ट युद्ध बताया है। राजदूत के अनुसार, इस युद्ध की शुरुआत अमेरिका और इजरायल ने की है, जिसका सीधा असर गाजा और वेस्ट बैंक में रहने वाले आम फिलिस्तीनियों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि समय के साथ लोगों की परेशानियां कम होने के बजाय दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं।
राजदूत ने भारत की भूमिका पर क्या कहा?
राजदूत Abdullah Abu Shawesh का मानना है कि भारत इस पूरे मामले में शांति स्थापित करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने भारत सरकार से अपील की है कि वह इजरायल पर दबाव बनाने के लिए कड़े और प्रभावी कदम उठाए ताकि फिलिस्तीनी लोगों पर हो रही सैन्य कार्रवाई को रोका जा सके। राजदूत ने उम्मीद जताई कि भारत टू-स्टेट सोल्यूशन (Two-State Solution) को लागू करने और इजरायली कब्जे को खत्म करने में मदद करेगा।
उन्होंने इस विवाद को एक लंबी ऐतिहासिक प्रक्रिया बताया जो 100 साल से भी अधिक पुरानी है। राजदूत ने जोर देकर कहा कि यह कोई नई घटना नहीं है, बल्कि बालफोर घोषणापत्र (Balfour Declaration) जैसे पुराने घटनाक्रमों से जुड़ी हुई है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से केवल शब्दों के बजाय जमीन पर ठोस काम करने की अपील की है।
वेस्ट बैंक में बिगड़ते हालात और मानवीय संकट के आंकड़े
हालिया रिपोर्टों और राजदूत के बयानों के आधार पर वेस्ट बैंक और गाजा में मानवीय स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। पिछले कुछ महीनों में विस्थापन और हमलों की घटनाओं में तेजी देखी गई है। जमीनी स्थिति को समझने के लिए नीचे दिए गए आंकड़ों पर गौर किया जा सकता है:
| घटना का विवरण | प्रभावित लोगों की संख्या (2026) |
|---|---|
| वेस्ट बैंक में विस्थापित फिलिस्तीनी | लगभग 700 लोग |
| इजरायली सैन्य अभियानों में मौतें | 32 फिलिस्तीनी |
| सेटलर्स के हमलों में घायल लोग | 260 से ज्यादा |
| प्रतिबंधों के कारण कुल विस्थापन | 1,500 से अधिक लोग |
राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र की भी आलोचना की है और कहा है कि वहां से केवल समर्थन की बातें आती हैं लेकिन कार्रवाई की कमी है। उन्होंने इसे जंगल राज जैसा बताया जहां सैन्य शक्ति का उपयोग विवादों को सुलझाने के लिए किया जा रहा है। उनके अनुसार, वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियों और उनके सामानों का बहिष्कार करना अब जरूरी हो गया है ताकि इस आक्रामकता को रोका जा सके।




