Jordan में अचानक गूंजे हवाई हमले के सायरन, ईरान के मिसाइल हमले के बाद सुरक्षा अलर्ट जारी
जॉर्डन में 25 मार्च 2026 को देश के अलग-अलग हिस्सों में अचानक हवाई हमले के सायरन बजने लगे। यह चेतावनी ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और सैन्य खतरों की वजह से दी गई थी। जॉर्डन के पब्लिक सिक्योरिटी डायरेक्टोरेट (PSD) ने नागरिकों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। ईरान ने दावा किया है कि उसने इज़राइल के साथ-साथ जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में मौजूद उन सैन्य ठिकानों पर भी मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं जहाँ अमेरिकी सेना तैनात है।
जॉर्डन पुलिस द्वारा जारी किए गए सायरन के नियमों का क्या मतलब है?
जॉर्डन की सुरक्षा एजेंसी (PSD) ने जनता को सायरन की आवाज़ का मतलब समझाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने बताया है कि सायरन की आवाज़ के आधार पर ही सुरक्षा के कदम उठाने होंगे। अगर तीन बार रुक-रुक कर सायरन बजता है, तो इसका सीधा मतलब है कि हमला होने का खतरा है। वहीं, अगर एक लंबी और लगातार आवाज़ सुनाई दे, तो इसका मतलब है कि खतरा अब टल चुका है और स्थिति सुरक्षित है। सायरन सुनते ही लोगों को अपनी जगह पर रुकने और किसी मज़बूत इमारत में शरण लेने को कहा गया है।
सुरक्षा के लिए किन विशेष हिदायतों का पालन करना जरूरी है?
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ज़मीन पर गिरे हुए किसी भी अनजान या संदिग्ध सामान को हाथ न लगाएं। अगर कहीं मिसाइल का मलबा या कोई अजीब वस्तु दिखाई दे, तो उससे दूर रहें और तुरंत सुरक्षा टीम को इसकी जानकारी दें। राजधानी अम्मान के पास कुछ मिसाइलों का मलबा गिरने की खबर मिली है, हालांकि राहत की बात यह है कि इससे किसी की जान नहीं गई है। सुरक्षा के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
- सायरन बजने पर सड़कों पर न घूमें और सुरक्षित स्थान पर रहें।
- किसी भी संदिग्ध वस्तु के पास जाने या उसे छूने की कोशिश न करें।
- केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
- सुरक्षा बलों को अपना काम करने में सहयोग दें।
ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव का असर
क्षेत्रीय तनाव के बीच जॉर्डन ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने मिसाइल हमलों की ज़िम्मेदारी ली है। इस तनाव का असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां की यात्रा करने वालों पर भी पड़ सकता है। इससे पहले मार्च की शुरुआत में ही अमेरिका ने अपने दूतावास को खतरों के चलते खाली कर दिया था। जॉर्डन की सरकार स्थिति पर नज़र रखे हुए है ताकि आम जनता को कम से कम परेशानी हो।
| मुख्य जानकारी | विवरण |
|---|---|
| सायरन बजने की तारीख | 25 मार्च 2026 |
| हमलावर देश | ईरान |
| निशाने पर देश | इज़राइल, जॉर्डन, कुवैत और बहरीन |
| अम्मान की स्थिति | मिसाइल का मलबा गिरा, कोई हताहत नहीं |




