Netanyahu का बड़ा आदेश, ईरान के हथियार उद्योग को पूरी तरह खत्म करने की तैयारी, खाड़ी देशों में अलर्ट
इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने अपनी सेना को निर्देश दिया है कि ईरान के हथियार बनाने वाले उद्योगों और फैक्ट्रियों को आने वाले कुछ ही घंटों में जितना संभव हो सके तबाह कर दिया जाए। इजरायल और अमेरिका के साझा सैन्य अभियान के बाद यह दावा किया गया है कि ईरान की मिसाइल बनाने की क्षमता अब काफी कम हो गई है। इस सैन्य टकराव का असर अब कुवैत और बहरीन जैसे खाड़ी देशों पर भी दिखने लगा है, जहां ईरान की ओर से ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए हैं।
इजरायल ने ईरान के किन ठिकानों को बनाया निशाना?
इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने जानकारी दी है कि उनकी वायुसेना ने ईरान के भीतर कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। इन हमलों का मकसद ईरान की सैन्य शक्ति को जड़ से खत्म करना है।
- Tehran: यहां नेवल क्रूज मिसाइल बनाने वाले मुख्य केंद्रों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है।
- Isfahan: मंगलवार को ईरान की इकलौती पनडुब्बी (Submarine) बनाने वाली फैक्ट्री को बमबारी कर नष्ट कर दिया गया।
- Esfahan Province: यहां विस्फोटक और बारूद बनाने वाली मुख्य यूनिट पर हमला किया गया है।
- Tabriz: उत्तर में स्थित IRGC के मिसाइल बेस पर भी हवाई हमले हुए हैं।
- इजरायल के मुताबिक अब तक 600 से ज्यादा मिसाइल साइटों को निशाना बनाया जा चुका है।
खाड़ी देशों पर क्या हुआ असर और ताजा स्थिति क्या है?
ईरान और इजरायल के बीच चल रही इस जंग की वजह से खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोगों और प्रवासियों के बीच डर का माहौल है। ईरान ने अपनी सुरक्षा के लिए आसपास के देशों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
| देश का नाम | नुकसान की जानकारी |
|---|---|
| Kuwait | कुवैत एयरपोर्ट पर ईरानी हमले के बाद भीषण आग लगी और कई ड्रोन दागे गए। |
| Bahrain | बहरीन पर 19 ड्रोन और 6 मिसाइलें गिरीं, जिसमें एक सैनिक की जान गई। |
| UAE | ईरानी हमले में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के पांच सैनिक घायल हुए हैं। |
| Israel | तेल अवीव सहित कई शहरों में मिसाइलें गिरने से घरों को नुकसान पहुंचा है। |
ईरान ने अमेरिका द्वारा दिए गए युद्धविराम (Ceasefire) के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। ईरान का कहना है कि वह तभी युद्ध रोकेगा जब उसे हुए नुकसान का हर्जाना दिया जाएगा और उसकी शर्तों को माना जाएगा। इस बीच खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है क्योंकि हवाई यात्राओं और सुरक्षा नियमों में बदलाव हो सकते हैं।




