इराक में अमेरिकी हवाई हमला, मिलिट्री मेडिकल क्लीनिक पर दागी मिसाइल, 7 सैनिकों की मौत
इराक के पश्चिमी हिस्से में स्थित एक मिलिट्री मेडिकल क्लीनिक पर अमेरिकी हमले में कम से कम 7 इराकी सैनिकों की मौत हो गई है। यह हमला 25 मार्च 2026 को हुआ, जिसमें 13 अन्य लोग घायल हुए हैं। अमेरिकी सेना ने पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेस (PMF) को निशाना बनाकर यह कार्रवाई की थी। इस घटना के बाद इराक सरकार ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है और इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया है।
इस हमले में कितना नुकसान हुआ और इराक का क्या कहना है?
बुधवार को हुए इस हमले में एक मिलिट्री डॉक्टर सहित सात जवानों की जान चली गई। इराक के रक्षा मंत्रालय ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और एक जघन्य अपराध बताया है। मंत्रालय का कहना है कि मेडिकल सुविधाओं और वहां के स्टाफ को निशाना बनाना नियमों के खिलाफ है। इससे एक दिन पहले यानी 24 मार्च को भी इसी बेस पर हमला हुआ था, जिसमें 15 PMF लड़ाके और एक कमांडर की मौत हुई थी। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, इराक अब धीरे-धीरे बाहरी ताकतों के बीच युद्ध का मैदान बनता जा रहा है।
घटना के बाद इराक सरकार ने क्या बड़े फैसले लिए हैं?
इराक की सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कड़े कूटनीतिक और सैन्य कदम उठाने का फैसला किया है। इस घटनाक्रम से जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने अमेरिका और ईरान दोनों के राजदूतों को तलब करने का आदेश दिया है।
- नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने PMF को अपनी सुरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करने की आधिकारिक अनुमति दे दी है।
- रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि वह इस हमले के खिलाफ कानूनी दायरे में रहकर जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखता है।
- अमेरिकी रक्षा विभाग ने स्वीकार किया है कि उनके लड़ाकू हेलीकॉप्टरों ने इराक में सक्रिय सशस्त्र समूहों पर हमले किए हैं।
- घायलों में 6 सदस्य PMF के बताए जा रहे हैं, जो इराक की नियमित सेना का ही हिस्सा माने जाते हैं।




