Saudi Arabia Oil Export: हॉर्मुज का रास्ता बंद होने पर सऊदी ने बदला रूट, यानबू से हर दिन निकलेगा 50 लाख बैरल तेल
सऊदी अरब ने दुनिया भर में तेल की सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने के बाद अब लाल सागर के तट पर स्थित यानबू (Yanbu) टर्मिनल से तेल का निर्यात काफी तेज कर दिया गया है। सऊदी अरामको का लक्ष्य है कि यहाँ से रोजाना 50 लाख बैरल तेल भेजा जाए ताकि वैश्विक बाजार में सप्लाई की कमी न हो।
यानबू पोर्ट से तेल सप्लाई की ताजा स्थिति क्या है?
सऊदी अरब ने यानबू के उत्तरी और दक्षिणी टर्मिनलों से तेल भेजने की रफ्तार बढ़ा दी है। 24 मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, यहाँ से हर दिन औसतन 44 लाख बैरल तेल भेजा गया है। समुद्र में फिलहाल 40 बड़े तेल टैंकर (VLCC) यानबू के पास खड़े हैं जो तेल लोड होने का इंतज़ार कर रहे हैं। पिछले दो हफ्तों में यहाँ से होने वाले निर्यात में दोगुनी बढ़ोतरी हुई है।
सऊदी सरकार ने तेल का रास्ता क्यों बदला?
ईरान की तरफ से हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किए जाने के बाद सऊदी अरब ने अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन (Petroline) का इस्तेमाल शुरू किया है। यह पाइपलाइन अबकाइक (Abqaiq) से सीधे लाल सागर तक तेल पहुँचाती है। इस पाइपलाइन की कुल क्षमता 70 लाख बैरल प्रति दिन है, जिसमें से लगभग 50 लाख बैरल तेल को निर्यात के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। बाकी हिस्सा स्थानीय रिफाइनरियों और बिजली घरों के लिए रखा गया है।
तेल सप्लाई और उससे जुड़े कुछ जरूरी आंकड़े
| विवरण | ताजा अपडेट |
|---|---|
| निर्यात का नया लक्ष्य | 50 लाख बैरल प्रति दिन |
| हालिया औसत निर्यात | 44 लाख बैरल प्रति दिन |
| पाइपलाइन की कुल क्षमता | 70 लाख बैरल प्रति दिन |
| इंतज़ार कर रहे टैंकर | 40 बड़े टैंकर (VLCC) |
| रास्ता बदलने का कारण | हॉर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना |
इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के अनुसार हॉर्मुज का रास्ता बंद होना वैश्विक उत्पादन के लिए एक बड़ा झटका है। हालांकि सऊदी अरब ने अपनी तैयारियों से इस कमी को काफी हद तक कम करने की कोशिश की है। अभी भी अरब की खाड़ी में फंसे टैंकरों में करोड़ों बैरल तेल मौजूद है जो रास्ता बंद होने की वजह से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।




