ईरान के Bushehr Nuclear Plant पर हमले से भड़का रूस, इज़राइल और अमेरिका को ठहराया ज़िम्मेदार
ईरान के Bushehr परमाणु संयंत्र परिसर में एक प्रोजेक्टाइल गिरने की खबर के बाद रूस ने अपनी कड़ी नाराज़गी ज़ाहिर की है। रूसी विदेश मंत्रालय ने इस घटना को बहुत ही खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना बताया है। ईरान ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और इज़राइल को दोषी माना है। यह परमाणु संयंत्र रूस के सहयोग से बनाया गया है और इसके संचालन में भी रूस की अहम भूमिका है, जिसकी वजह से वहां काम कर रहे रूसी विशेषज्ञों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
घटना में कितना हुआ नुकसान और क्या बोले अधिकारी?
ईरान की परमाणु ऊर्जा एजेंसी (AEOI) ने जानकारी दी है कि मंगलवार रात एक प्रोजेक्टाइल संयंत्र के परिसर में आकर गिरा। इस घटना को लेकर कुछ मुख्य बातें सामने आई हैं:
- IRNA की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई है और न ही किसी को चोट आई है।
- संयंत्र को कोई बड़ा वित्तीय या तकनीकी नुकसान नहीं पहुंचा है और इसकी हालत फिलहाल सामान्य है।
- IAEA के प्रमुख Rafael Grossi ने परमाणु सुरक्षा जोखिमों से बचने के लिए अधिकतम संयम बरतने की अपील की है।
- ईरान ने इस घटना के लिए अमेरिका और इज़राइल को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश बताया है।
रूस ने क्यों जताई इतनी गहरी चिंता?
रूस इस घटना से इसलिए ज़्यादा गुस्से में है क्योंकि वहां उसके सैकड़ों कर्मचारी तैनात हैं। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता Maria Zakharova ने इसे पूरी तरह से अस्वीकार्य मिसाइल हमला बताया है।
Rosatom के CEO Alexey Likhachev के मुताबिक, प्रोजेक्टाइल पावर यूनिट से सिर्फ 200 मीटर की दूरी पर गिरा। अगर यह सीधा पावर यूनिट पर लगता, तो पूरे इलाके के लिए एक बड़ी तबाही हो सकती थी। वर्तमान में इस साइट पर 72 टन विखंडनीय सामग्री और 210 टन इस्तेमाल किया गया ईंधन मौजूद है। इसी खतरे को देखते हुए रूस अब अपने 400 से ज़्यादा विशेषज्ञों को वहां से सुरक्षित निकालने के लिए कई चरणों में निकासी की योजना पर काम कर रहा है। रूस का कहना है कि यह हमला सीधे तौर पर उसकी सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा जोखिम है।




