GCC चीफ का बड़ा बयान, ईरान ने खाड़ी देशों पर दागे 5000 मिसाइल और ड्रोन, 85% हमले अरब मुल्कों पर हुए
खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जसीम अल-बुदैवी ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि ईरान ने अब तक खाड़ी देशों पर 5,000 बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन दागे हैं। यह आंकड़ा युद्ध की शुरुआत से हुए कुल हमलों का लगभग 85% हिस्सा है। 26 मार्च 2026 को रियाद में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि ये हमले क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं। अल-बुदैवी ने साफ किया कि खाड़ी देश शांति चाहते हैं लेकिन अपनी रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे।
इन हमलों से क्या-क्या नुकसान हुआ और GCC का स्टैंड क्या है?
ईरान द्वारा किए गए इन हमलों में आम नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया है। इसमें होटल, दूतावास, पानी की पाइपलाइन और एयरपोर्ट जैसे नागरिक ठिकाने शामिल हैं। इन हमलों की वजह से कई देशों में जान-माल का नुकसान हुआ है। खाड़ी देशों के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि इससे न केवल सुरक्षा बल्कि आर्थिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है।
- ईरान पर आरोप है कि वह नागरिक ठिकानों और तेल सुविधाओं को निशाना बना रहा है।
- सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में मिसाइल के टुकड़े गिरने से घरों को नुकसान पहुंचा है।
- GCC देशों ने कहा है कि उनके पास अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत आत्मरक्षा का अधिकार है।
- जसीम अल-बुदैवी के अनुसार, ईरान हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों से अवैध फीस वसूल रहा है।
- खाड़ी देशों ने अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों में अपनी किसी भी तरह की भागीदारी से इनकार किया है।
संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने क्या कदम उठाए?
ईरान की इन सैन्य गतिविधियों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़े कदम उठाए गए हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया है जिसमें ईरान की आक्रामकता की निंदा की गई है। बहरीन द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव को दुनिया के 100 से अधिक देशों ने अपना समर्थन दिया है। यह प्रस्ताव ईरान से अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने और नुकसान की भरपाई करने की मांग करता है।
| संस्था | महत्वपूर्ण निर्णय |
|---|---|
| UN Human Rights Council | ईरान की सैन्य आक्रामकता की निंदा और मानवाधिकारों के पालन का आदेश |
| UN Security Council | प्रस्ताव संख्या 2817 (2026) के तहत सैन्य अभियानों की निंदा |
| GCC देश | ईरान के साथ किसी भी समझौते में बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम को शामिल करने की मांग |
अल-बुदैवी ने जोर देकर कहा कि ईरान के साथ कोई भी नया समझौता तभी मान्य होना चाहिए जब उसमें खाड़ी देशों की मांगों को शामिल किया जाए। इसमें केवल परमाणु कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि ईरान के मिसाइल प्रोग्राम और क्षेत्रीय दखलअंदाजी पर भी लगाम लगाना जरूरी है। खाड़ी देशों ने चेतावनी दी है कि अगर हमले नहीं रुके, तो वे अपने बचाव के स्तर को और ज्यादा बढ़ाएंगे।




