Jordan और खाड़ी देशों ने ईरान की मिसाइलों को मार गिराया, मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा
मिडिल ईस्ट में पिछले 24 घंटों के दौरान तनाव काफी बढ़ गया है। Jordan, UAE, Saudi Arabia और Kuwait ने ईरान की ओर से आए कई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया है। Jordan Armed Forces ने बताया कि उन्होंने अपनी हवाई सीमा में घुस रहे खतरों को कुशलता से रोका है। इस इलाके में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि खाड़ी देशों की सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर है।
किन-किन देशों ने की कार्रवाई और क्या हुआ नुकसान?
क्षेत्र के कई देशों ने अपनी सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं और ईरानी हमलों को नाकाम किया है। इसकी विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है:
- Jordan: यहाँ की वायुसेना ने 5 ईरानी प्रोजेक्टाइल्स को इंटरसेप्ट किया, जिनमें से 4 को सफलतापूर्वक मार गिराया गया।
- Saudi Arabia: रक्षा मंत्रालय ने अपने पूर्वी प्रांत (Eastern Province) के ऊपर 33 ड्रोन को मार गिराने की पुष्टि की है।
- UAE: संयुक्त अरब अमीरात की एयर डिफेंस ने भी गुरुवार को कई मिसाइलों और ड्रोन हमलों को नाकाम किया है।
- Kuwait: कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने अपने क्षेत्र में होने वाले हमलों को ‘शत्रुतापूर्ण’ करार देते हुए उन्हें रोक दिया है।
- Bahrain: मुहर्रक प्रांत में एक केंद्र पर आग लगने की खबर मिली है, जिसे ईरानी कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है।
इन घटनाओं में अब तक किसी भी व्यक्ति के घायल होने की आधिकारिक सूचना नहीं मिली है, हालांकि कुछ जगहों पर मलबा गिरने से संपत्ति को मामूली नुकसान पहुंचा है।
शांति प्रस्ताव और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय स्थिति
मौजूदा संकट को सुलझाने के लिए राजनीतिक स्तर पर भी प्रयास जारी हैं। US ने ईरान के सामने एक 15 सूत्री शांति प्रस्ताव रखा है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araqchi इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने अमेरिका की कुछ शर्तों को बहुत ज्यादा बताया है। ईरान की मांग है कि पूरे क्षेत्र में संघर्ष विराम हो और Strait of Hormuz पर उसकी संप्रभुता को अंतरराष्ट्रीय गारंटी मिले।
दूसरी ओर, White House ने साफ कर दिया है कि अगर शांति समझौता नहीं होता है, तो ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और तेज की जा सकती है। Israel में भी कई मिसाइलें गिरी हैं, जहाँ कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं। UAE के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि वह किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।




