GCC परिवहन मंत्रियों की आपात बैठक: सप्लाई चेन और सीमा सुरक्षा पर हुई अहम चर्चा
रियाद, 26 मार्च, 2026 (WAM) – खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के परिवहन मंत्रियों ने आज एक आपात बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य हाल के घटनाक्रमों और सप्लाई चेन पर उनके प्रभाव की समीक्षा करना था। मंत्रियों ने भूमि सीमा चौकियों की तैयारी का आकलन किया और परिचालन चुनौतियों का सामना करने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया। GCC के महासचिव जासिम मोहम्मद अलबुदाईवी ने बताया कि बैठक में कई महत्वपूर्ण उपायों पर बात हुई, जिसमें ग्रीन लेन प्रोटोकॉल को सक्रिय करना और वैकल्पिक बंदरगाहों का उपयोग शामिल था।
मुख्य चर्चाएँ और प्रस्तावित उपाय क्या थे?
बैठक में ‘ग्रीन लेन प्रोटोकॉल’ को सक्रिय करने, वैकल्पिक बंदरगाहों का उपयोग करने और सुरक्षित परिवहन मार्गों को सुनिश्चित करने जैसे कई उपायों पर चर्चा हुई। जीसीसी महासचिव जासिम मोहम्मद अलबुदाईवी ने बताया कि परिवहन और संचार क्षेत्र रणनीतिक वस्तुओं जैसे भोजन, दवा और ईंधन के निरंतर प्रवाह को सुनिश्चित करने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यह भूमि, वायु और समुद्री प्रवेश बिंदुओं के माध्यम से बाजार की स्थिरता और निर्बाध सप्लाई चेन को बनाए रखता है। बैठक में वास्तविक समय में स्थिति की निगरानी और संभावित बाधाओं को दूर करने के लिए संयुक्त समन्वय तंत्र विकसित करने पर भी विचार किया गया।
ईरान के असर और UAE की तैयारी पर क्या कहा गया?
जासिम मोहम्मद अलबुदाईवी ने क्षेत्रीय चुनौतियों पर प्रकाश डाला, खासकर “GCC देशों को निशाना बनाने वाले ईरानी सैन्य तनाव” का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन घटनाक्रमों से खाड़ी देशों की अपनी उपलब्धियों की रक्षा करने और महत्वपूर्ण क्षेत्रों की कुशल निरंतरता सुनिश्चित करने की क्षमता का परीक्षण होता है। उन्होंने 26 मार्च, 2026 को यह भी कहा कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग के लिए शुल्क ले रहा था। UAE के अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्री, अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री ने 23 मार्च, 2026 को पुष्टि की कि UAE के पास एक मजबूत खाद्य सुरक्षा प्रणाली है। यह अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों और उन्नत लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर के व्यापक नेटवर्क से मजबूत होती है, जिससे देश एक क्षेत्रीय खाद्य वितरण केंद्र के रूप में स्थापित होता है।




