UAE Defence News: 15 मिसाइल और 11 ड्रोन को एयर डिफेंस ने मार गिराया, भारतीयों समेत कई प्रवासियों पर पड़ा असर
यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) के रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) ने गुरुवार, 26 मार्च 2026 को देश की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। वायु रक्षा प्रणालियों ने सफलतापूर्वक 15 बैलिस्टिक मिसाइलों और 11 ड्रोनों को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया। इस घटना के बाद मंत्रालय ने सुरक्षा अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर रहने की सलाह दी थी और बाद में स्थिति सामान्य होने पर ऑल-क्लियर नोटिफिकेशन भी जारी किया।
हमले के दौरान क्या हुआ और किन देशों के प्रवासियों को पहुंचा नुकसान?
UAE रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों का स्रोत ईरान था। सुरक्षा बलों ने मुस्तैदी दिखाते हुए खतरों को आबादी वाले इलाकों तक पहुंचने से पहले ही खत्म कर दिया। हालांकि, इन हमलों और पिछली घटनाओं के कारण कुछ नुकसान भी हुआ है, जिसमें आम जनता और सेना के लोग शामिल हैं।
- इस संघर्ष में अब तक 3 सैन्यकर्मियों और 8 आम नागरिकों की जान जा चुकी है।
- मारे गए नागरिकों में भारत, पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और फिलिस्तीन के नागरिक शामिल हैं।
- करीब 169 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पतालों में इलाज दिया जा रहा है।
- घायलों में भारत, मिस्र, सूडान, फिलीपींस और श्रीलंका जैसे कई अन्य देशों के लोग भी शामिल हैं।
अब तक कुल कितने मिसाइल और ड्रोन रोके गए हैं?
UAE की रक्षा प्रणाली लगातार देश की सीमाओं की रक्षा कर रही है। आंकड़ों के अनुसार, इन हमलों की शुरुआत से लेकर अब तक सुरक्षा बलों ने एक बड़ी संख्या में खतरों को नाकाम किया है। इसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई टेबल में देखी जा सकती है:
| हथियार का प्रकार | कुल इंटरसेप्ट किए गए |
|---|---|
| बैलिस्टिक मिसाइल (Ballistic Missiles) | 372 |
| क्रूज मिसाइल (Cruise Missiles) | 15 |
| ड्रोन (UAVs) | 1826 |
आम जनता और प्रवासियों के लिए मंत्रालय का क्या आदेश है?
सरकार और रक्षा मंत्रालय ने सभी नागरिकों और प्रवासियों को आश्वस्त किया है कि देश की सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए सेना पूरी तरह तैयार है। जो भारतीय या अन्य विदेशी नागरिक UAE में रह रहे हैं, उनके लिए जरूरी है कि वे केवल आधिकारिक सरकारी माध्यमों से आने वाली खबरों पर ही भरोसा करें। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा एजेंसियां किसी भी खतरे को रोकने के लिए सक्षम हैं और राष्ट्रीय संपत्तियों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।




