PM Modi Meeting Update: पश्चिम एशिया संकट के बीच पीएम मोदी की बड़ी बैठक, नहीं लगेगा लॉकडाउन और देश में है पर्याप्त ईंधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 मार्च 2026 को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक अहम बैठक की। इस मीटिंग का मुख्य मकसद पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण भारत की ऊर्जा सुरक्षा और सामानों की सप्लाई पर पड़ने वाले असर की चर्चा करना था। सरकार ने साफ कर दिया है कि देश के पास आने वाले 60 दिनों के लिए पर्याप्त ईंधन का स्टॉक मौजूद है और घबराने की कोई बात नहीं है।
क्या देश में फिर से लॉकडाउन लगेगा?
बैठक के दौरान देश में लॉकडाउन लगाए जाने की तमाम अफवाहों पर विराम लगा दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ऐसी कोई संभावना नहीं है और लोग गलत खबरों पर ध्यान न दें। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इन अफवाहों को गैर-जिम्मेदाराना बताया है। पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे अपने राज्यों में किसी भी तरह की घबराहट को फैलने से रोकें और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त एक्शन लें।
राज्यों के लिए जारी किए गए मुख्य निर्देश
प्रधानमंत्री ने राज्यों से ‘टीम इंडिया’ के रूप में साथ मिलकर काम करने की अपील की है ताकि वैश्विक संकट के प्रभाव को कम किया जा सके। बैठक में कुछ विशेष बातों पर जोर दिया गया है जो नीचे दी गई तालिका में देखी जा सकती हैं:
| मुख्य बिंदु | सरकार के निर्देश और स्थिति |
|---|---|
| ईंधन सुरक्षा | भारत के पास 60 दिनों का एडवांस तेल और ईंधन भंडार सुरक्षित है। |
| जमाखोरी | जरूरी चीजों को छिपाकर रखने और मुनाफाखोरी करने वालों पर सख्ती होगी। |
| यूरिया वितरण | खेती के लिए यूरिया की उपलब्धता और इसके सही वितरण की निगरानी होगी। |
| तटीय सुरक्षा | तटीय और सीमावर्ती राज्यों में शिपिंग और समुद्री ऑपरेशन पर विशेष ध्यान रहेगा। |
| आर्थिक स्थिरता | सरकार व्यापार और उद्योगों को मजबूत रखने के लिए हर संभव कदम उठाएगी। |
अन्य महत्वपूर्ण अपडेट और अधिकारियों के बयान
विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने बैठक में मौजूदा वैश्विक हालातों पर एक प्रस्तुति दी और बताया कि सप्लाई चेन को कैसे सुरक्षित रखा जा रहा है। मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार के उस फैसले का स्वागत किया जिसमें ईंधन पर टैक्स कम किया गया है। इसके अलावा नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी DGCA ने वीवीआईपी उड़ानों के लिए नए सुरक्षा नियम जारी किए हैं। इसमें साफ कहा गया है कि खराब मौसम या किसी भी स्थिति में सुरक्षा सर्वोपरि होगी और पायलट का निर्णय ही आखिरी माना जाएगा।



