ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका और इजरायल का बड़ा हमला, खोंडाब भारी जल परिसर को बनाया निशाना
ईरान के खोंडाब भारी जल परिसर पर शुक्रवार, 27 मार्च 2026 को अमेरिका और इजरायल ने मिसाइल हमले किए। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने जानकारी दी है कि मध्य ईरान में स्थित इस महत्वपूर्ण परमाणु ठिकाने को निशाना बनाया गया। राहत की बात यह है कि प्लांट के अधिकारियों ने इस हमले में किसी भी तरह के रेडिएशन लीक या जानमाल के नुकसान से इनकार किया है।
हमले में किन ठिकानों को कितना नुकसान हुआ
ईरान के अलग-अलग हिस्सों में हुए इन हमलों के बाद की स्थिति पर अब तक जो जानकारी सामने आई है, वह इस प्रकार है:
- खोंडाब परिसर: इस प्लांट पर दो चरणों में हमला हुआ, लेकिन कोई रेडियोधर्मी रिसाव नहीं हुआ।
- अर्दकन प्लांट: यज़्द प्रांत में स्थित यूरेनियम प्रोसेसिंग प्लांट पर भी हमला किया गया, वहां भी स्थिति नियंत्रण में है।
- इस्फ़हान स्टील फैक्ट्री: यहाँ हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत और दो लोगों के घायल होने की खबर है।
- इजरायली सेना: इजरायल ने पुष्टि की है कि उन्होंने ईरान के तीन अलग-अलग इलाकों में एक साथ हमले किए हैं।
ईरान का कड़ा फैसला और दुनिया की प्रतिक्रिया
इन हमलों के बाद ईरान की सेना यानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बड़ा कदम उठाते हुए हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने तीन मालवाहक जहाजों को भी रोकने का दावा किया है। इजरायल के रक्षा मंत्री ने कहा है कि वे ईरान पर अपने हमले और तेज करेंगे।
| संस्था/देश | ताज़ा अपडेट |
|---|---|
| G7 विदेश मंत्री | आम लोगों और नागरिक बुनियादी ढांचों पर हमले तुरंत रोकने की अपील की |
| IRGC (ईरान) | हॉर्मुज जलडमरूमध्य को दुश्मन जहाजों के लिए बंद कर दिया गया |
| अमेरिकी इंटेलिजेंस | दावा किया कि ईरान के मिसाइल भंडार का लगभग एक तिहाई हिस्सा नष्ट हुआ है |
| लेबनान | हौता अल-ग़दीर में हुए हमले में दो लोगों की मौत हुई |
ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने साफ किया है कि उनके मुख्य परमाणु केंद्रों को भारी नुकसान नहीं पहुंचा है। वहीं अमेरिका की ओर से खुफिया सूत्रों ने बताया कि वे अभी हमलों के असर का आकलन कर रहे हैं। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है क्योंकि जलमार्ग बंद होने से व्यापार और यातायात पर सीधा असर पड़ सकता है।




