ईरान के Isfahan में अमेरिकी-इजरायली हमला, 25 कर्मचारियों की मौत और बिजली घर तबाह
ईरान के Isfahan प्रांत में अमेरिकी और इजरायली हमलों में भारी तबाही की खबर आई है। Isfahan के गवर्नर Mehdi Jamalnejad ने जानकारी दी कि इन हमलों में कम से कम 25 कर्मचारियों की मौत हो गई है। हमलों की वजह से Mobarakeh जिले में स्थित दो बड़े बिजली घरों को भारी नुकसान पहुंचा है और वे काम करना बंद कर चुके हैं। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने इन हमलों की पुष्टि की है।
हमले में कहां-कहां हुआ भारी नुकसान?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया है। इसमें इस्फ़हान की Mobarakeh Steel और Khuzestan Steel कंपनियां शामिल हैं। इन स्टील प्लांट्स के बिजली सब-स्टेशन और उत्पादन लाइनों को सीधा नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा कुछ परमाणु संबंधित ठिकानों पर भी हमले किए गए हैं।
- Isfahan प्रांत में हमलों से 25 से 26 लोगों की जान गई है
- Mobarakeh जिले के दो पावर प्लांट पूरी तरह नष्ट हो गए हैं
- Khuzestan Steel फैक्ट्री में भी धमाके और नुकसान की खबर है
- Arak के हैवी वाटर प्लांट और Yazd के यूरेनियम केंद्र पर भी हमले हुए
- ईरान के परमाणु विभाग ने कहा कि वहां से कोई रेडियोधर्मी रिसाव नहीं हुआ है
खाड़ी देशों और प्रवासियों पर क्या पड़ा असर?
इस युद्ध का असर अब पूरे मिडिल ईस्ट और खाड़ी देशों में दिखने लगा है। 27 मार्च को UAE के एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की तरफ से आई 6 बैलिस्टिक मिसाइलों और 9 ड्रोन को हवा में ही मार गिराया। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं क्योंकि तनाव लगातार फैल रहा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी इस मुद्दे पर रूस के अनुरोध पर बैठक बुलाई है।
| स्थान या घटना | मुख्य विवरण |
|---|---|
| Isfahan प्रांत | 25 कर्मचारियों की मौत हुई |
| Mobarakeh | 2 पावर प्लांट तबाह हुए |
| UAE | 6 मिसाइल और 9 ड्रोन इंटरसेप्ट किए |
| Donald Trump | ऊर्जा ठिकानों पर हमले 10 दिन के लिए रोके |
| इजरायली सेना | तेहरान और परमाणु ठिकानों पर हमले की पुष्टि की |
| कुल मौतें | युद्ध शुरू होने से अब तक 1,900 से ज्यादा लोग मारे गए |





