Iran-US Tension Update: ईरान ने अमेरिका के हमले को बताया असहनीय, खाड़ी देशों के औद्योगिक ठिकानों पर हमले की दी चेतावनी
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। 27 मार्च 2026 को ईरानी अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका एक तरफ शांति की बात कर रहा है और दूसरी तरफ उनके परमाणु और औद्योगिक ठिकानों पर हमले कर रहा है। ईरान के अनुसार यह स्थिति अब बर्दाश्त से बाहर है और उन्होंने अभी तक अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर कोई फैसला नहीं लिया है। इस तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों पर भी पड़ सकता है क्योंकि ईरान ने वहां के औद्योगिक क्षेत्रों को निशाना बनाने के संकेत दिए हैं।
ईरान में किन जगहों पर हुए हमले और क्या हुआ नुकसान?
27 मार्च को हुए हमलों में ईरान के महत्वपूर्ण परमाणु और औद्योगिक केंद्रों को निशाना बनाया गया है। इसमें अराक़ के पास स्थित भारी जल रिएक्टर और अर्दकन का यूरेनियम प्लांट शामिल है। हालांकि ईरानी प्रशासन ने इन जगहों पर किसी रेडियोधर्मी रिसाव या जानमाल के नुकसान से इनकार किया है।
इसके अलावा खुज़ेस्तान और मोबारेकेह स्थित दो बड़े स्टील कारखानों को भी भारी नुकसान पहुँचाने की खबर है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने इन हमलों को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस वादे का उल्लंघन बताया है जिसमें उन्होंने ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले रोकने की बात कही थी।
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार पर क्या होगा असर?
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के ब्रिगेडियर जनरल मजीद मुसैवी ने चेतावनी दी है कि वे खाड़ी देशों में स्थित औद्योगिक ठिकानों पर जवाबी हमला कर सकते हैं। उन्होंने वहां काम करने वाले मजदूरों और कर्मचारियों को उन जगहों से हटने की सलाह दी है। इससे सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों में काम कर रहे भारतीय प्रवासियों के बीच चिंता बढ़ सकती है।
इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही पर भी पाबंदी लगा दी गई है। ईरान ने कुछ जहाजों को वापस भेज दिया है और सुरक्षित रास्ते के बदले टोल वसूलने की खबरें हैं। अमेरिका ने ईरान को समुद्री रास्ता खोलने के लिए 6 अप्रैल तक का समय दिया है।
| प्रमुख विवरण | ताजा जानकारी |
|---|---|
| हमले की तारीख | 27 मार्च 2026 |
| निशाना बने ठिकाने | परमाणु केंद्र, स्टील प्लांट और बिजली घर |
| अमेरिका का प्रस्ताव | 15-सूत्रीय शांति योजना |
| ईरान की मांग | युद्ध क्षतिपूर्ति और हमलों पर रोक |
| समुद्री मार्ग की स्थिति | होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही सीमित |




