Chevron की चेतावनी: ईरान के साथ युद्ध से कैलिफोर्निया में पैदा हो सकता है तेल संकट, 10 डॉलर तक जाएगी कीमत
अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य में आने वाले दिनों में ईंधन का भारी संकट पैदा हो सकता है। दुनिया की बड़ी तेल कंपनियों में शुमार Chevron (शेवरॉन) ने आधिकारिक तौर पर चेतावनी दी है कि ईरान के साथ चल रहे तनाव और युद्ध की वजह से ईंधन की सप्लाई पर बुरा असर पड़ेगा। कंपनी के मुताबिक, अगर राज्य सरकार ने टैक्स और नियमों में ढील नहीं दी, तो कैलिफोर्निया में रिफाइनिंग का काम बंद भी किया जा सकता है। इस स्थिति से आम लोगों के लिए पेट्रोल और डीजल खरीदना बेहद मुश्किल हो जाएगा।
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कैलिफोर्निया में तेल संकट की मुख्य वजह क्या है?
कैलिफोर्निया अपनी जरूरत का लगभग 20 प्रतिशत रिफाइंड ईंधन एशिया के देशों से आयात करता है। ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से ‘Strait of Hormuz’ के रास्ते में काफी रुकावटें आ रही हैं, जिससे तेल के टैंकर सही समय पर नहीं पहुँच पा रहे हैं। Chevron के अधिकारी एंडी वाल्ज़ ने बताया कि उनके कई टैंकर इस समुद्री रास्ते के दोनों तरफ फंसे हुए हैं। इसके अलावा पनामा नहर के जरिए सप्लाई भेजने में भी काफी खर्च और समय लग रहा है, जिससे बाजार में तेल की कमी होने का डर बना हुआ है।
कीमतों और सप्लाई को लेकर एक्सपर्ट्स की राय
- एक्सपर्ट्स के मुताबिक कैलिफोर्निया में पेट्रोल की कीमतें 10 डॉलर प्रति गैलन के पार जा सकती हैं।
- वर्तमान में यहाँ पेट्रोल की औसत कीमत 5.82 डॉलर प्रति गैलन है, जो पूरे अमेरिका में सबसे ज्यादा है।
- डीजल की कीमतें पहले ही 7.018 डॉलर प्रति गैलन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच चुकी हैं।
- ऑस्ट्रेलिया के कुछ गैस प्लांट में उत्पादन कम होने से भी वैश्विक स्तर पर सप्लाई पर दबाव बढ़ा है।
- कैलिफोर्निया की सरकारी एजेंसी DPMO फिलहाल बाजार की निगरानी कर रही है ताकि कोई गलत तरीके से दाम न बढ़ा सके।
क्या कहती है ईरान और अमेरिका की स्थिति?
ईरान के सैन्य मुख्यालय ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिका और उसके सहयोगियों से जुड़े किसी भी तेल टैंकर को ‘Strait of Hormuz’ से गुजरने नहीं देगा। इस समुद्री रास्ते के बंद होने से पूरी दुनिया के तेल बाजार में हलचल मची हुई है। उधर कैलिफोर्निया सरकार का कहना है कि तेल कंपनियां युद्ध के नाम पर मुनाफाखोरी करने की कोशिश कर रही हैं। Chevron ने राज्य सरकार से मांग की है कि वह ऊर्जा आपातकाल घोषित करे और स्थानीय तेल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पुराने नियमों में बदलाव करे ताकि जनता को राहत मिल सके।




