Egypt Official News: मिस्र की संसद ने खाड़ी देशों पर ईरानी हमलों की निंदा की, कहा अरब की सुरक्षा से समझौता नहीं
मिस्र की संसद ने खाड़ी देशों पर हो रहे ईरानी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। 28 मार्च 2026 को जारी एक सरकारी बयान में मिस्र ने साफ किया कि सऊदी अरब, यूएई और कतर जैसे पड़ोसी देशों की सुरक्षा उनके लिए बहुत जरूरी है। मिस्र के अधिकारियों ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। वहां की सरकार का कहना है कि अरब देशों की एकता को बनाए रखना क्षेत्र की शांति के लिए सबसे अहम काम है।
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मिस्र के अधिकारियों और संसद ने क्या कहा?
मिस्र की संसद के स्पीकर काउंसलर Hisham Badawi ने ईरानी हमलों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों की सुरक्षा अरब जगत की नेशनल सिक्योरिटी का हिस्सा है। उन्होंने दुनिया के बाकी देशों से भी इस मामले में तुरंत दखल देने की मांग की है ताकि हालात और खराब न हों।
विदेश मंत्री Badr Abdelatty ने भी इस मुद्दे पर मिस्र का रुख साफ किया है। उन्होंने कहा कि मिस्र अपने सभी अरब साथियों के साथ मजबूती से खड़ा है। उनका मानना है कि इस तनाव को कम करने के लिए बातचीत और डिप्लोमेटिक रास्तों का इस्तेमाल होना चाहिए। इससे पहले 25 मार्च को UN में मिस्र के प्रतिनिधि Alaa Hegazy ने भी कहा था कि इन हमलों का कोई ठोस बहाना नहीं दिया जा सकता।
खाड़ी देशों में पिछले 24 घंटों में क्या हुआ?
खाड़ी क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है। ईरान की तरफ से लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले किए जा रहे हैं। इन घटनाओं का असर वहां रह रहे प्रवासियों और तेल की सप्लाई पर भी पड़ सकता है। हालिया घटनाओं का ब्यौरा नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं:
| तारीख | प्रमुख घटना |
|---|---|
| 27 मार्च 2026 | इजरायल ने ईरान पर हमले किए और ईरान ने बहरीन, कतर और यूएई की तरफ ड्रोन भेजे। |
| 26 मार्च 2026 | यूएई ने एक बैलिस्टिक मिसाइल को बीच रास्ते में ही रोक दिया। |
| 26 मार्च 2026 | सऊदी अरब ने अपनी सीमा की तरफ आ रहे कई ड्रोनों को मार गिराया। |
| 26 मार्च 2026 | बहरीन में एक जगह आग लगने की खबर मिली। |
| 25 मार्च 2026 | UN मानवाधिकार परिषद ने भी इन हमलों की आलोचना की थी। |
मिस्र ने यह भी कन्फर्म किया है कि वह अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत करवाने की कोशिश कर रहा है। मिस्र चाहता है कि इस पूरे विवाद को बातचीत से सुलझाया जाए ताकि खाड़ी देशों में शांति बनी रहे और लोगों की सुरक्षा के साथ कोई खिलवाड़ न हो।




