US-Israel Strike on Iran: ईरान के पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हमला, तेहरान में बिजली गुल, कुवैत में एक भारतीय की मौत
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है और दोनों तरफ से भारी हमले शुरू हो गए हैं। 30 मार्च 2026 को मिली खबरों के अनुसार, अमेरिका और इजरायल ने ईरान के तबरीज (Tabriz) में एक पेट्रोकेमिकल प्लांट को निशाना बनाया है। इसके साथ ही तेहरान के कई इलाकों में बिजली गुल होने की खबर है। जवाब में ईरान ने भी इजरायल के औद्योगिक क्षेत्र पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं जिससे वहां भीषण आग लग गई और केमिकल लीक का खतरा पैदा हो गया है।
ईरान और इजरायल में कहां-कहां हुआ हमला?
ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, हवाई हमलों ने तबरीज शहर में मौजूद एक बड़े पेट्रोकेमिकल यूनिट को नुकसान पहुंचाया है। इसके अलावा रविवार को हुए हमलों की वजह से तेहरान और अलबोर्ज प्रांत के बिजली घरों को निशाना बनाया गया, जिससे कई इलाकों में ब्लैकआउट हो गया। दूसरी तरफ, ईरान की सेना (IRGC) ने इजरायल के नेओट होवाव (Neot Hovav) इंडस्ट्रियल जोन पर कई मिसाइलें गिराई हैं। यह इलाका केमिकल उत्पादन के लिए जाना जाता है और वहां हमले के बाद काला धुआं उठते हुए देखा गया है। इजरायली प्रशासन ने स्थानीय लोगों को जहरीली गैस के रिसाव को लेकर अलर्ट जारी किया है।
इस हमले का खाड़ी देशों और भारतीयों पर क्या असर पड़ा?
इस युद्ध जैसी स्थिति का असर खाड़ी देशों में रह रहे प्रवासियों पर भी पड़ रहा है। हमले के दौरान कुवैत के एक पावर और पानी के प्लांट को निशाना बनाया गया, जिसमें एक भारतीय कामगार की मौत हो गई है। इसके अलावा लेबनान में भी एक संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षक की जान चली गई है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं क्योंकि तनाव और फैलने की आशंका है। पाकिस्तान ने इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत करवाने और तनाव कम करने की पेशकश की है।
अधिकारियों का इस स्थिति पर क्या कहना है?
इजरायली सेना ने पुष्टि की है कि उन्होंने ईरान के भीतर कमांड सेंटर और मिसाइल डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया है। वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने चेतावनी दी है कि अगर उनके आर्थिक ठिकानों पर हमला जारी रहा तो वे और भी कड़ा जवाब देंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ बातचीत में कुछ सुधार हो रहा है, लेकिन ईरान की सरकार ने सीधे संपर्क की खबरों को पूरी तरह से गलत बताया है। फिलहाल ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह उनके शिक्षण संस्थानों पर होने वाले हमलों की निंदा करे वरना अंजाम बुरा होगा।




