ईरान की बड़ी चेतावनी, अमेरिका और इजरायल के बड़े सैन्य अधिकारियों के घर अब होंगे ईरान के निशाने पर
ईरान और इजरायल के बीच चल रहा तनाव अब काफी गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, ईरान ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिका और इजरायल के बड़े कमांडरों और राजनीतिक अधिकारियों के घरों पर हमले करने की कसम खाई है। ईरान के सैन्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इन अधिकारियों के निजी आवास अब उनके लिए वैध सैन्य लक्ष्य माने जाएंगे। यह बयान ईरान के सबसे बड़े ऑपरेशनल कमांड यूनिट खातम अल-अंम्बिया (Khatam al-Anbiya) की तरफ से जारी किया गया है।
ईरान ने अपनी चेतावनी में किन बातों का जिक्र किया है?
ईरान के सशस्त्र बलों के प्रवक्ता अबोलफज़ल शेकरची (Abolfazl Shekarchi) ने कहा है कि ईरान अपने क्षेत्र पर होने वाले किसी भी हमले पर हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठेगा। अधिकारियों का कहना है कि वे जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं। ईरान के सेंट्रल हेडक्वार्टर ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार ईरान को डराने की कोशिश कर रहे हैं। ईरान की सेना का मानना है कि अमेरिकी सेना युद्ध के मैदान से दूर आबादी वाले और आर्थिक केंद्रों में शरण ले रही है। इसी वजह से अब ईरान ने इन रिहायशी इलाकों में मौजूद अधिकारियों को निशाना बनाने का फैसला किया है।
मध्य पूर्व में क्या हैं ताजा हालात और घटनाक्रम?
इस पूरे मामले में पिछले कुछ दिनों में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। इन महत्वपूर्ण घटनाओं को नीचे दी गई सूची से समझा जा सकता है:
- इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ (Israel Katz) ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को और ज्यादा विस्तार देने का ऐलान किया है।
- ईरान के विदेश मंत्री अरागची ने कहा है कि परमाणु केंद्रों और स्टील प्लांट पर हुए हमलों का कड़ा और भारी बदला लिया जाएगा।
- ईरानी सेना ने आम नागरिकों को सलाह दी है कि वे अमेरिकी सैन्य ठिकानों के पास वाले रिहायशी इलाकों से दूर रहें।
- ईरान की तरफ से अमेरिका और इजरायल से जुड़े कुछ विश्वविद्यालयों पर भी हमले करने की धमकी दी गई है।
- हाल ही में ईरान ने दुबई में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा किया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और वहां की सेना अब एक साथ मिलकर काम कर रही है। वहीं इजरायल ने भी साफ कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए हमलों को तेज करेगा। इस स्थिति के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां की सुरक्षा व्यवस्था पर गहरा असर पड़ने की संभावना है। क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान देने की जरूरत है।




