Donald Trump की ईरान को बड़ी चेतावनी, ऊर्जा ठिकानों पर हमले की धमकी से खाड़ी में बढ़ा तनाव
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर Strait of Hormuz को तुरंत व्यापार के लिए नहीं खोला गया और समझौता नहीं हुआ, तो ईरान के बिजली घरों और तेल के ठिकानों पर हमला किया जा सकता है। 2026 के इस ईरान युद्ध के बीच इजरायल ने भी साफ कर दिया है कि वह जंग खत्म करने की कोई निश्चित समय सीमा तय नहीं करेगा। इस बढ़ते तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों की सुरक्षा और दुनिया भर में होने वाली तेल की सप्लाई पर पड़ रहा है।
Donald Trump की चेतावनी और ईरान का रुख क्या है?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने मार्च 2026 के अंत में बयान दिया है कि यदि ईरान के साथ जल्द ही कोई डील नहीं होती है, तो उनके निशाने पर ईरान के सबसे महत्वपूर्ण बिजली और तेल उत्पादन केंद्र होंगे। व्हाइट हाउस के अनुसार अमेरिका हर गुजरते दिन के साथ और भी सटीक और घातक हमले कर रहा है ताकि Strait of Hormuz को दोबारा खुलवाया जा सके।
- अमेरिकी राष्ट्रपति ने Kharg Island जो कि एक मुख्य तेल निर्यात केंद्र है, उसे निशाना बनाने की बात कही है।
- ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने अमेरिकी शांति प्रस्तावों को फिलहाल खारिज कर दिया है।
- इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा है कि उनकी सेना ने आधे से ज्यादा लक्ष्य पूरे कर लिए हैं।
- Amnesty International ने चेतावनी दी है कि ऊर्जा संयंत्रों पर हमला करना आम लोगों के लिए विनाशकारी हो सकता है और यह युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकता है।
खाड़ी क्षेत्र और प्रवासियों पर इस तनाव का क्या असर होगा?
इस युद्ध और समुद्री मार्ग के बंद होने से खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और विशेष रूप से भारतीय प्रवासियों के लिए चिंता बढ़ गई है। Strait of Hormuz से तेल और गैस की सप्लाई रुकने के कारण आने वाले दिनों में बाजार में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। ईरान ने हाल ही में कुवैत के एक मुख्य पानी और बिजली प्लांट को निशाना बनाया था, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।
| संबंधित देश/संगठन | महत्वपूर्ण घटनाक्रम |
|---|---|
| Kuwait | ईरान की ओर से कुवैत के महत्वपूर्ण बिजली और जल संयंत्र पर हमला हुआ है। |
| Israel | इजरायली सेना ने तेहरान में ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर हमले किए हैं। |
| Strait of Hormuz | यह रास्ता ईरान की ओर से बंद है, जिसे खुलवाने के लिए अमेरिका सैन्य अभियान चला रहा है। |
| Pakistan | पाकिस्तान ने इस संकट के बीच अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की पेशकश की है। |
खाड़ी क्षेत्र के देशों जैसे सऊदी अरब और यूएई ने भी इस स्थिति पर नजर बनाई हुई है। खाड़ी में काम करने वाले लाखों प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी संवेदनशील है क्योंकि ईरान और इजरायल के बीच मिसाइल हमलों का सिलसिला जारी है। लेबनान में भी इजरायली सेना और हिजबुल्ला के बीच जंग चल रही है, जिससे पूरा क्षेत्र इस समय अशांत बना हुआ है।




