Strait of Hormuz News: ईरान ने समुद्र में रोका रास्ता, 2000 जहाज और 20 हजार नाविक फंसे, भारत को मिली बड़ी राहत
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में इस समय गहरा तनाव बना हुआ है और करीब 2,000 व्यापारिक जहाज वहां फंसे हुए हैं। ईरान ने सुरक्षा और क्षेत्रीय विवाद का हवाला देते हुए इस समुद्री रास्ते पर कड़ी पाबंदी लगा दी है। इस स्थिति की वजह से दुनिया भर की सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ रहा है और समुद्र के बीच करीब 20,000 नाविकों का जीवन संकट में है। संयुक्त राष्ट्र ने इस हालात को आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा समुद्री मानवीय संकट बताया है।
किन देशों को मिली अनुमति और क्या हैं ईरान के नए नियम?
ईरान की सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह पाबंदी सिर्फ उसके दुश्मन देशों जैसे अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगियों के जहाजों पर लागू है। भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान जैसे मित्र देशों के जहाजों को सुरक्षित मार्ग देने की बात कही गई है। हालांकि, इन जहाजों को भी ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से अनुमति लेनी पड़ती है। इसके अलावा, ईरान अब यहां से गुजरने वाले जहाजों पर ‘ट्रांजिट फीस’ यानी टोल टैक्स लगाने की योजना बना रहा है, जिसके लिए एक विशेष टोल-बूथ सिस्टम तैयार किया गया है।
भारतीय नाविकों और जहाजों की क्या है वर्तमान स्थिति?
इस संकट में फंसे कुल नाविकों में से करीब 3,000 से 4,500 भारतीय बताए जा रहे हैं। हाल ही में एक राहत भरी खबर सामने आई जब ‘पाइन गैस’ नाम का भारतीय एलपीजी टैंकर 23 दिनों तक फंसे रहने के बाद वहां से सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहा। ईरान ने चेतावनी दी है कि बिना कोड और इजाजत के आगे बढ़ने वाले जहाजों के खिलाफ कड़ी सैन्य कार्रवाई की जाएगी। कई बड़ी शिपिंग कंपनियों ने अब अपने जहाजों के रास्ते बदल दिए हैं।
| मुख्य विवरण | ताजा जानकारी |
|---|---|
| फंसे हुए कुल जहाज | लगभग 2,000 |
| प्रभावित नाविक | करीब 20,000 |
| भारतीय नाविकों की संख्या | 3,000 से 4,500 के बीच |
| अनुमति प्राप्त देश | भारत, चीन, रूस, इराक, पाकिस्तान |
| प्रतिबंधित देश | अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगी |
| नया नियम | पारगमन शुल्क (टोल) और पास कोड अनिवार्य |




