LPG लेकर भारत पहुंचा ‘नंदा देवी’ जहाज, ईरान ने होर्मुज से दिया रास्ता, अब कम होगा गैस सिलेंडर का इंतज़ार
भारत में रसोई गैस की सप्लाई को लेकर एक अच्छी खबर आई है। कतर से एलपीजी लेकर चला भारतीय टैंकर ‘नंदा देवी’ सुरक्षित तरीके से गुजरात के वाडीनार बंदरगाह पर पहुंच गया है। यह जहाज 17 मार्च 2026 को तड़के लगभग 2:30 बजे भारतीय जलक्षेत्र में दाखिल हुआ। होर्मुज जलडमरूमध्य में चल रहे तनाव के बीच ईरान ने इस जहाज को गुजरने की अनुमति दी, जिससे देश की गैस सप्लाई को बड़ी राहत मिली है। भारतीय नौसेना ने ओमान की खाड़ी में इस जहाज को सुरक्षित रास्ता दिलाने में मदद की।
नंदा देवी जहाज की यात्रा और गैस सप्लाई से जुड़ी जानकारी
| प्रमुख विवरण | जानकारी |
|---|---|
| जहाज का नाम | नंदा देवी (LPG टैंकर) |
| पहुंचने का स्थान | वाडीनार पोर्ट, देवभूमि द्वारका, गुजरात |
| पहुंचने की तारीख | 17 मार्च 2026 |
| एलपीजी की कुल मात्रा | लगभग 46,500 मीट्रिक टन |
| सहयोगी संस्थाएं | भारतीय नौसेना, शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया |
वाडीनार में जहाज से गैस उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यहां से गैस को छोटे जहाजों में भरकर एन्नोर और हल्दिया जैसे अन्य बंदरगाहों पर भेजा जाएगा। नंदा देवी के साथ ही ‘शिवालिक’ नाम का एक और जहाज मुंद्रा बंदरगाह पहुंचा था। इसके अलावा 28 मार्च को ‘जग वसंत’ भी कुवैत से 47,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर सुरक्षित भारत पहुंच चुका है। इन जहाजों के आने से गैस वितरण पर दबाव कम होगा और सिलेंडर बुकिंग के लिए लोगों का इंतज़ार घटेगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के नए नियम और असर
ईरान अब होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए नए नेविगेशन नियम और पारगमन शुल्क यानी ट्रांजिट फीस लगाने की तैयारी में है। ईरान की संसद के सदस्य अलाएदीन बोरूजर्दी ने जानकारी दी है कि बिना अनुमति के किसी भी जहाज को वहां से गुजरने नहीं दिया जाएगा। हालांकि, भारत के लिए राहत की बात यह है कि ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि भारत, चीन और रूस जैसे मित्र देशों के जहाजों के लिए कोई रुकावट नहीं होगी।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इन टैंकरों के समय पर पहुंचने से बाजार में घबराहट की वजह से बढ़ी कीमतों पर लगाम लगेगी। बंदरगाह और जहाजरानी मंत्रालय के अधिकारियों ने जनता को आश्वस्त किया है कि गैस सप्लाई चेन में कोई कमी नहीं है और सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। आने वाले दिनों में गैस की किल्लत पूरी तरह खत्म होने की उम्मीद है।




