Qatar में रेडिएशन का स्तर पूरी तरह सुरक्षित, सरकार ने जारी किया ताजा आंकड़ा
कतर के पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MECC) ने देश में रेडिएशन यानी विकिरण के स्तर को लेकर एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। मंत्रालय ने पुष्टि की है कि कतर की हवा और समुद्री पानी में रेडिएशन का स्तर पूरी तरह से सामान्य और सुरक्षित सीमा के भीतर बना हुआ है। अप्रैल 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल मॉनिटरिंग नेटवर्क के जरिए की गई जांच में किसी भी तरह के खतरे के संकेत नहीं मिले हैं। यह खबर कतर में रह रहे लाखों प्रवासियों और स्थानीय लोगों के लिए राहत भरी है।
कतर में रेडिएशन की निगरानी कैसे की जाती है?
कतर सरकार ने देश की सुरक्षा के लिए एक बहुत ही आधुनिक सिस्टम तैयार किया है। पर्यावरण मंत्रालय चौबीसों घंटे जमीन और समुद्र के स्तर पर रेडिएशन की निगरानी करता है। इसके लिए देश भर में कई स्टेशन बनाए गए हैं जो हर पल की खबर मुख्यालय को देते हैं।
- दिसंबर 2024 में एक नया और एडवांस नेशनल रेडिएशन मॉनिटरिंग नेटवर्क शुरू किया गया था।
- यह नेटवर्क किसी भी असामान्य बढ़ोतरी का तुरंत पता लगाने की क्षमता रखता है।
- कतर इस मामले में International Atomic Energy Agency (IAEA) के साथ मिलकर काम करता है।
- समुद्री पानी और हवा की गुणवत्ता की समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय मानकों पर जांच होती है।
आम जनता और भारतीय प्रवासियों पर इसका क्या असर है?
कतर में बड़ी संख्या में भारतीय और अन्य देशों के प्रवासी रहते हैं। पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. अब्दुल्ला बिन अब्दुलअजीज बिन तुर्की अल-सुबैई ने साफ किया है कि देश में रेडिएशन का स्तर प्राकृतिक सीमाओं के अंदर ही है। मंत्रालय का कहना है कि लगातार निगरानी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पर्यावरण और लोगों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे। कतर ने सीमाओं पर रेडिएशन डिटेक्शन गेट्स भी लगाए हैं ताकि बाहर से आने वाली किसी भी सामग्री की सही जांच हो सके। मंत्रालय ने पहले भी जून 2025 में ऐसे ही आश्वासन दिए थे, जो बताते हैं कि यहां का वातावरण लगातार सुरक्षित बना हुआ है।




