ईरान की बड़ी स्टील कंपनी Mobarakeh में उत्पादन रुका, अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद हुआ भारी नुकसान
ईरान की सबसे बड़ी स्टील उत्पादक कंपनियों में से एक Mobarakeh Steel Company ने अपने प्लांट में काम पूरी तरह रोक दिया है। कंपनी ने जानकारी दी है कि 2 अप्रैल 2026 को Isfahan में स्थित उनके ठिकानों पर अमेरिकी और इजरायली हमले हुए हैं। इन हमलों की वजह से उत्पादन लाइनों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। शुरुआती आकलन के अनुसार फैक्टरी की कई मुख्य यूनिट्स पूरी तरह तबाह हो गई हैं जिससे काम जारी रखना फिलहाल संभव नहीं है।
इन हमलों से किन-किन इलाकों में नुकसान हुआ?
इस सैन्य कार्रवाई में सिर्फ मुख्य स्टील प्लांट ही नहीं बल्कि उसकी सहायक कंपनियों और आसपास के बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया गया है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में Isfahan के पास आसमान में धुएं के गुबार और आग के गोले देखे गए हैं।
- Mobarakeh Steel की सहायक कंपनी Sefid Dasht Steel में मशीनों को भारी क्षति पहुंची है।
- Isfahan प्रांत के Kashan Airport पर भी हमला किया गया जिससे हवाई पट्टी को नुकसान हुआ।
- Najafabad, Shahreza और Aran जैसे शहरों में भी धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं।
- Isfahan के डिप्टी गवर्नर अकबर सालेही ने पुष्टि की है कि हमले में कई महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र प्रभावित हुए हैं।
तनाव की मौजूदा स्थिति और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच यह तनाव फरवरी 2026 के अंत से शुरू हुआ था। अमेरिकी राष्ट्रपति ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि अगर राजनयिक बातचीत सफल नहीं होती है, तो ईरान के ऊर्जा और तेल ठिकानों पर और भी हमले किए जा सकते हैं। इस घटनाक्रम पर प्रमुख वैश्विक प्रतिक्रियाएं नीचे दी गई हैं:
| पक्ष | मुख्य जानकारी |
|---|---|
| अमेरिका | मुनिशन्स डिपो पर हमले के फुटेज जारी किए और तेल ठिकानों पर हमले की चेतावनी दी। |
| फ्रांस | राष्ट्रपति मैक्रों ने इसे अमेरिका और इजरायल का एकतरफा सैन्य फैसला बताया। |
| ईरान | राष्ट्रपति ने अमेरिकी सैन्य मौजूदगी की आलोचना की और इजरायल पर मिसाइल हमले किए। |
Mobarakeh Steel पर इससे पहले मार्च के अंतिम सप्ताह और 1 अप्रैल को भी हमले हुए थे। लगातार हो रही बमबारी की वजह से ईरान के औद्योगिक क्षेत्र को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।




