अमेरिकी सेना का बड़ा बयान, ईरान की नौसेना और वायु सेना पूरी तरह हुई तबाह, ऑपरेशन एपिक फ्यूरी से हुआ भारी नुकसान
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी है कि ईरान के पास अब कोई सक्रिय नौसेना या वायु सेना नहीं बची है। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए Operation Epic Fury के बाद अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि ईरान की सैन्य ताकत अब लगभग खत्म हो चुकी है। राष्ट्रपति Donald Trump ने भी अपने संबोधन में कहा है कि ईरान की नौसेना पूरी तरह जा चुकी है और उनकी वायु सेना खंडहर में तब्दील हो गई है। इस सैन्य ऑपरेशन के मुख्य रणनीतिक उद्देश्य अब पूरे होने के करीब हैं।
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में कितना नुकसान हुआ?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस सैन्य कार्रवाई में ईरान के अंदर 12,300 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया है। एडमिरल Brad Cooper ने बताया कि ईरान के 92 प्रतिशत बड़े नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया गया है। इससे ईरान की समुद्र में अपनी ताकत दिखाने की क्षमता अब खत्म हो गई है। CENTCOM ने यह भी साफ किया है कि ईरान के एयर डिफेंस और मिसाइल सिस्टम को भी भारी नुकसान पहुँचाया गया है।
प्रमुख आंकड़े और वर्तमान स्थिति क्या है?
अमेरिकी अधिकारियों ने इस पूरे ऑपरेशन के दौरान हुए नुकसान का ब्यौरा साझा किया है, जिसे नीचे दी गई तालिका में समझा जा सकता है।
| विवरण | कुल संख्या/प्रभाव |
|---|---|
| निशाना बनाए गए कुल ठिकाने | 12,300 से अधिक |
| नष्ट या क्षतिग्रस्त ईरानी जहाज | 155 से अधिक |
| बड़े नौसैनिक जहाजों का नुकसान | 92 प्रतिशत |
| मिसाइल और ड्रोन हमलों में कमी | 90 प्रतिशत |
| ऑपरेशन की शुरुआत | 28 फरवरी 2026 |
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को Strait of Hormuz को फिर से खोलने के लिए 6 अप्रैल 2026 तक का समय दिया है। हालांकि ईरान ने अभी भी मिसाइल और ड्रोन हमलों की धमकी दी है, लेकिन अमेरिकी सेना का कहना है कि उनकी परिचालन क्षमता अब बेहद कम हो गई है। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोगों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए यह घटनाक्रम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




