Strait of Hormuz: रूस का बड़ा ऐलान, हमारे लिए खुला है रास्ता, ईरान की भूमिका को बताया जरूरी
रूस ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। पुतिन के एक सहायक ने कहा है कि यह समुद्री रास्ता रूस के लिए पूरी तरह खुला है। खाड़ी क्षेत्र में चल रही हलचल के बीच रूस का यह रुख वैश्विक व्यापार और सुरक्षा के नजरिए से काफी बड़ा माना जा रहा है। रूस ने साफ किया है कि वह इस क्षेत्र में किसी भी तरह के बाहरी हस्तक्षेप के खिलाफ है और इस रास्ते के संचालन में ईरान की भूमिका को बहुत अहम मानता है।
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रूस ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर क्या कहा है?
रूस की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने स्पष्ट किया है कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के नियंत्रण को किसी तीसरे पक्ष को सौंपना सही नहीं होगा। उन्होंने कहा कि बिना खाड़ी देशों की सहमति के कोई भी नया नियम इस क्षेत्र के तनाव को कम नहीं कर सकता। रूस का मानना है कि इस रास्ते से होने वाली नेविगेशन व्यवस्था में ईरान को शामिल करना अनिवार्य है। पुतिन ने भी 2026 में सप्लाई चेन मैनेजमेंट में ऑटोनॉमस सिस्टम और एआई (AI) जैसी तकनीक साझा करने की इच्छा जताई है ताकि लॉजिस्टिक्स को और बेहतर बनाया जा सके।
खाड़ी देशों और सुरक्षा पर इसके क्या प्रभाव होंगे?
इस स्थिति को देखते हुए खाड़ी देशों ने अपनी सुरक्षा और व्यापारिक रूट में कुछ अहम बदलाव किए हैं। सऊदी अरब ने संभावित खतरों और हमलों से बचने के लिए अपने व्यापार को लाल सागर के पश्चिमी बंदरगाहों की ओर मोड़ दिया है। यूएई के ऊर्जा मंत्री सुहैल अल मजरोई ने भी रूस की तरफ से सुरक्षा और व्यापार में रुकावटों को लेकर जरूरी संदेश साझा किए हैं। ईरान ने अपनी शर्तों पर जोर देते हुए कहा है कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य का मामला किसी भी तरह के मोलभाव से बाहर है।
| तारीख | अधिकारी/देश | मुख्य अपडेट |
|---|---|---|
| 2 अप्रैल 2026 | पुतिन के सहायक | हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य रूस के लिए खुला है। |
| 1 अप्रैल 2026 | मारिया ज़खारोवा | किसी तीसरे पक्ष का नियंत्रण मंजूर नहीं है। |
| 2 अप्रैल 2026 | सुहैल अल मजरोई (UAE) | रूस से सुरक्षा को लेकर संदेश प्राप्त हुए। |
| 31 मार्च 2026 | रिचर्ड श्मीरर (USA) | रूस और ईरान के बीच सैन्य सहयोग की जानकारी दी। |
रूस ने पहले भी कहा था कि वह इस रास्ते को बंद करने के खिलाफ है, लेकिन इसे वैश्विक संदर्भ में देखा जाना चाहिए। अमेरिका का मानना है कि ईरान और रूस के बीच खुफिया और सैन्य सहयोग बढ़ रहा है, जबकि ईरान ने चीनी जहाजों को भी इस रास्ते से गुजरने की अनुमति दी है। खाड़ी में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार से जुड़े लोगों के लिए यह खबर काफी मायने रखती है क्योंकि किसी भी तरह की रुकावट से सामानों की कीमतों और आवाजाही पर सीधा असर पड़ता है।




