अमेरिका और इसराइल ने मिलकर किया हमला, ईरान के मुख्य तेल कमांडर जमशेद इशागी की मौत, IRGC ने दी जानकारी.
ईरान के सैन्य और वित्तीय ढांचे को एक बड़ा झटका लगा है। 2 अप्रैल 2026 को एक संयुक्त हवाई हमले में ईरान के तेल नेतृत्व के प्रमुख कमांडर ब्रिगेडियर जनरल Jamshid Eshaghi मारे गए हैं। यह हमला अमेरिका और इसराइल की सेनाओं द्वारा मिलकर किया गया बताया जा रहा है। ईरान की Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने इस खबर की पुष्टि करते हुए दुख जताया है और बताया कि इस कार्रवाई में उनके कमांडर के साथ परिवार के लोग भी मौजूद थे।
कौन थे Jamshid Eshaghi और उन पर क्या थे आरोप?
Jamshid Eshaghi ईरान की सेना के जनरल स्टाफ में बजट और वित्तीय मामलों के प्रमुख का पद संभाल रहे थे। उन पर आरोप था कि वे एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए चीन को अवैध तरीके से करोड़ों बैरल कच्चा तेल भेजने का काम करते थे। अमेरिका ने फरवरी 2025 में उन पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे। जांच में यह बात सामने आई थी कि तेल की बिक्री से होने वाली कमाई का इस्तेमाल खाड़ी क्षेत्र के अन्य हथियारबंद समूहों की मदद के लिए किया जाता था।
हमले और आधिकारिक पुष्टि से जुड़ी अहम जानकारी
IRGC के कमांडर-इन-चीफ Ahmad Vahidi ने इशागी की मौत पर शोक संदेश जारी किया है। उन्होंने पुष्टि की कि यह हमला अमेरिकी और इसराइली बलों ने अंजाम दिया है। हालांकि सुरक्षा कारणों से हमले की सटीक लोकेशन के बारे में ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है। इस घटना से जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई तालिका में देखी जा सकती हैं।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| तारीख | 2 अप्रैल 2026 |
| मारा गया अधिकारी | Brigadier General Jamshid Eshaghi |
| हमला करने वाले पक्ष | अमेरिका और इसराइल |
| प्रमुख पद | प्रमुख, बजट और वित्तीय मामले (IRGC) |
| संबंधित कंपनी | Sepehr Energy (तेल तस्करी के लिए इस्तेमाल) |
| फंडिंग प्राप्त समूह | हमास, हूती और हिज्बुल्ला |
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अनुसार इशागी एक मुखौटा कंपनी Sepehr Energy के माध्यम से तेल के असली मूल स्थान को छुपाने और अवैध लेनदेन को अंजाम देने में मुख्य भूमिका निभा रहे थे। इस हमले के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है क्योंकि इशागी ईरान के लिए काफी महत्वपूर्ण अधिकारी माने जाते थे।




