ईरान ने दी बड़ी चेतावनी, अमेरिकी शेयर वाली कंपनियों को बनाएगा निशाना, खाड़ी देशों में बिजली और फोन सेवा पर खतरा
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब एक नए और गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने आधिकारिक तौर पर चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका उसके पावर प्लांट पर कोई भी हमला करता है, तो वह पूरे खाड़ी क्षेत्र में उन कंपनियों को निशाना बनाएगा जिनमें अमेरिकी हिस्सेदारी है। इस घोषणा के बाद से मिडिल ईस्ट में काम कर रही बड़ी ऊर्जा और टेलीकॉम कंपनियों में चिंता बढ़ गई है। ईरान के सैन्य प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि उनके पास क्षेत्र की उन सभी कंपनियों का डेटा मौजूद है जिनमें अमेरिकी शेयरधारकों का पैसा लगा है।
ईरान ने किन कंपनियों और सेक्टर्स को दी है सीधी चेतावनी?
ईरान के खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फघारी ने बताया कि जवाबी कार्रवाई के लिए लक्ष्यों की पहचान कर ली गई है। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित सेक्टर शामिल होंगे:
- क्षेत्र की प्रमुख ऊर्जा कंपनियां जिनमें अमेरिकी निवेश है।
- टेलीकॉम कंपनियां जो खाड़ी देशों में संचार सेवाएं दे रही हैं।
- ऐसी टेक्नोलॉजी फर्में जिनके मालिक या शेयरधारक अमेरिकी नागरिक हैं।
- आईआरजीसी (IRGC) ने पहले ही Apple, Google, Intel, Tesla, Microsoft और Meta जैसी कंपनियों को वैध लक्ष्य घोषित किया है।
- Amazon के बहरीन स्थित क्लाउड ऑपरेशन को पहले ही नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं।
ईरानी अधिकारियों ने इन कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों और आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षा के लिहाज से आगाह रहने को कहा है।
तनाव बढ़ने की मुख्य वजह और प्रवासियों पर असर
यह पूरा मामला तब गरमाया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान के पुलों और पावर प्लांट को तबाह करने की धमकी दी। इसके जवाब में ईरान ने अपनी रणनीति बदलते हुए सीधे तौर पर उन आर्थिक हितों को चोट पहुंचाने की बात कही है जो अमेरिका से जुड़े हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए यह खबर चिंताजनक है, क्योंकि ऊर्जा और संचार सेवाओं पर असर पड़ने से दैनिक जीवन और काम प्रभावित हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि दोनों देशों के ये बयान युद्ध अपराधों की संभावना को जन्म देते हैं। फिलहाल ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को भी किसी भी उत्तेजक कार्रवाई के खिलाफ चेतावनी दी है।




