बांग्लादेश में ऊर्जा संकट का असर: शाम 6 बजे बंद होंगी दुकानें, ऑफिस के समय में भी हुई कटौती.
बांग्लादेश में ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है। पश्चिम एशिया (West Asia) में चल रहे संघर्ष की वजह से पैदा हुए इस संकट से निपटने के लिए सरकार ने कई बड़े और सख्त फैसले लिए हैं। प्रधानमंत्री Tarique Rahman की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ऑफिस और बाजारों के समय में बदलाव के साथ-साथ सरकारी खर्चों में कटौती का ऐलान किया गया है। ये नियम 3 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गए हैं और कुछ क्षेत्रों में 5 अप्रैल से लागू होंगे।
ऑफिस और बाजारों के लिए नए नियम
सरकार ने बिजली और ईंधन बचाने के लिए कामकाज के घंटों को कम कर दिया है। अब सरकारी और प्राइवेट ऑफिस सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक ही चलेंगे, जिससे कार्यदिवस में एक घंटे की कमी आएगी। बैंकों में ग्राहकों के लिए सर्विस दोपहर 3 बजे तक उपलब्ध रहेगी, हालांकि बैंक के अंदरूनी काम 4 बजे तक निपटाए जा सकेंगे। बाजारों और शॉपिंग मॉल को लेकर सबसे कड़ा फैसला लिया गया है, उन्हें अब शाम 6 बजे तक बंद करना अनिवार्य होगा।
- किचन मार्केट, दवा की दुकानें और रेस्टोरेंट इस समय सीमा से बाहर रहेंगे।
- दुकानदारों के बीच समय को लेकर भ्रम था, लेकिन सरकार ने 6 बजे का ही आदेश जारी रखा है।
- शादियों और निजी कार्यक्रमों में सजावटी लाइटिंग पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है।
- शिक्षा मंत्रालय स्कूलों के लिए अलग से गाइडलाइन जारी करेगा, जिसमें ऑनलाइन क्लास पर विचार हो रहा है।
सरकारी खर्च और बिजली बचत के तरीके
कैबिनेट सचिव Nasimul Gani ने बताया कि सरकारी स्तर पर कई कटौतियां की गई हैं ताकि विदेशी मुद्रा और ऊर्जा की बचत हो सके। सरकार ने ईंधन, बिजली और गैस पर होने वाले खर्च में 30% की कमी करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही नए सरकारी वाहनों, जहाजों और विमानों की खरीद पर तीन महीने के लिए रोक लगा दी गई है।
| विषय | नया सरकारी नियम |
|---|---|
| विदेशी यात्रा और ट्रेनिंग | बजट में 50% की कटौती |
| एसी (AC) का तापमान | 25 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर |
| मीटिंग और सेमिनार | खर्चों में 50% की कमी |
| अवैध ईंधन भंडारण इनाम | 1,00,000 टका (करीब 815 डॉलर) |
| इलेक्ट्रिक बसें | इंपोर्ट ड्यूटी घटाकर 20% की गई |
ऊर्जा मंत्री Iqbal Hasan Mahmud ने कहा है कि ईंधन की कमी और इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से बिजली सप्लाई में दिक्कत आ रही है। स्थिति को संभालने के लिए सरकार अब मलेशिया, इंडोनेशिया और कजाकिस्तान जैसे देशों से ईंधन आयात करने की कोशिश कर रही है। भारत भी फ्रेंडशिप पाइपलाइन के जरिए बांग्लादेश को डीजल की सप्लाई कर रहा है ताकि संकट को कम किया जा सके।




