अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग, कच्चा तेल 11% तक उछला, पेट्रोल-डीजल महंगा होने का बढ़ा खतरा
दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के ईरान पर हमले जारी रखने के बयान के बाद मार्केट में भारी हलचल मच गई है। Brent Crude और WTI दोनों ही बड़ी छलांग लगाकर 110 डॉलर के करीब पहुँच गए हैं। इससे आने वाले दिनों में आम जनता की जेब पर बोझ बढ़ सकता है और सप्लाई रुकने का डर भी सता रहा है।
क्यों बढ़ रहे हैं अचानक तेल के दाम?
तेल के दामों में इस तेजी की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। Donald Trump ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने समझौता नहीं किया तो उसके ऊर्जा से जुड़े ठिकानों पर हमले किए जाएंगे। इसके साथ ही Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने के डर से भी कीमतों में उछाल आया है। अमेरिका के ऊर्जा सचिव Chris Wright ने भी तेल आपूर्ति को लेकर महत्वपूर्ण बयान जारी किए हैं।
तेल की कीमतों और वैश्विक स्थिति का ताज़ा हाल
| विशेष विवरण | ताज़ा स्थिति और जानकारी |
|---|---|
| Brent Crude Price | 109.03 डॉलर प्रति बैरल (7.78% की बढ़त) |
| WTI Oil Price | 111.54 डॉलर प्रति बैरल (11.41% की बढ़त) |
| US Strategic Reserve | 172 मिलियन बैरल तेल निकालने की अनुमति दी गई |
| IEA कुल रिलीज | 32 देशों द्वारा 400 मिलियन बैरल तेल जारी होगा |
| Trump का बयान | ईरान पर हमले जारी रहेंगे और कड़ी कार्रवाई होगी |
| सुरक्षा चेतावनी | US Embassy ने बगदाद में हमले का अलर्ट जारी किया |
दुनिया भर में तनाव का असर और आधिकारिक जानकारी
- UN महासचिव Antonio Guterres ने शांति बनाए रखने और युद्ध रोकने की अपील की है
- अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने रणनीतिक भंडार से तेल की आपूर्ति शुरू कर दी है
- Strait of Hormuz में शिपिंग ट्रैफिक प्रभावित होने से सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ रहा है
- OPEC+ देश बाजार में तेल की कमी को पूरा करने के लिए उत्पादन बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं
- इजरायल की सेना ने भी लेबनान में ईरान समर्थित ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं
- State Department ने विदेश में रहने वाले नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है




