Iran Drone Strike: ईरान के बुशहर में ड्रोन हमला, रेड क्रेसेंट के गोदाम में रखी राहत सामग्री और गाड़ियां हुई राख.
ईरान के दक्षिणी हिस्से में शुक्रवार की सुबह एक बड़ा ड्रोन हमला हुआ है। इस हमले में इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस और रेड क्रेसेंट सोसाइटीज (IFRC) के एक अहम गोदाम को निशाना बनाया गया। यह गोदाम ईरान के बुशहर प्रांत के चोगादक इलाके में स्थित था, जहां भविष्य के लिए बचाकर रखी गई मानवीय मदद की सामग्री और इमरजेंसी वाहन मौजूद थे।
हमले में क्या-क्या नुकसान हुआ है?
शुक्रवार सुबह करीब 5:00 बजे (0130 GMT) हुए इस हमले में ड्रोन ने सीधे गोदाम पर प्रहार किया। इस हमले की वजह से मौके पर मौजूद काफी सामान जलकर खाक हो गया। नुकसान की जानकारी नीचे दी गई है:
| नुकसान का विवरण | संख्या/जानकारी | |
|---|---|---|
| राहत सामग्री वाले कंटेनर | 02 नष्ट हुए | |
| उपकरण वाहन (Equipment Vehicles) | 02 नष्ट हुए | |
| रेड क्रेसेंट बस | 01 नष्ट हुई | |
| अन्य नुकसान | इमरजेंसी वाहनों को क्षति पहुंची |
राहत की बात यह है कि इस विशेष हमले में किसी की जान जाने की खबर नहीं मिली है। हालांकि, ईरान में काम कर रही रेड क्रेसेंट संस्था ने भारी नुकसान की पुष्टि की है।
मानवीय सहायता और अंतरराष्ट्रीय नियम
IFRC के प्रवक्ता ने हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि राहत सुविधाओं और मानवीय बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और जिनेवा कन्वेंशन के खिलाफ है। ईरान में यह संस्था एकमात्र ऐसी मानवीय एजेंसी है जिसकी पहुंच पूरे देश में है और इसके साथ करीब 1 लाख रेस्पोंडर्स जुड़े हुए हैं। संस्था ने जानकारी दी कि:
- यह हमला 3 अप्रैल 2026 की सुबह तड़के हुआ था।
- अभी तक किसी भी देश या संगठन पर इस हमले का सीधा आरोप नहीं लगाया गया है।
- हमले से एक दिन पहले ही चेतावनी दी गई थी कि मेडिकल सप्लाई की कमी हो रही है।
- 28 फरवरी से चल रहे इस तनाव के माहौल में अब तक रेड क्रेसेंट के 3 कर्मियों की मौत हो चुकी है।
ईरान की मीडिया एजेंसी फार्स ने भी इस हमले की पुष्टि की है। यह घटना उस समय हुई है जब इलाके में तनाव काफी बढ़ा हुआ है और मदद पहुंचाने वाली संस्थाओं के लिए काम करना मुश्किल होता जा रहा है।




