ईरान में गिरा अमेरिका का लड़ाकू विमान, दूसरा पायलट अभी भी ईरान के भीतर जिंदा, सर्च ऑपरेशन जारी.
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे विवाद में एक बड़ी खबर सामने आई है। 3 अप्रैल 2026 को ईरान के ऊपर एक अमेरिकी लड़ाकू विमान को मार गिराया गया। Axios की रिपोर्ट के मुताबिक विमान का दूसरा पायलट ईरान की सीमा के अंदर जीवित है। अमेरिका और इज़राइल की सेनाएं मिलकर अपने पायलट को सुरक्षित निकालने के लिए बड़े पैमाने पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। इस घटना के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
घटना से जुड़ी अहम जानकारियां और पायलटों की स्थिति
- अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि ईरान के ऊपर उनका एक लड़ाकू विमान गिरा है।
- रिपोर्ट्स के मुताबिक यह विमान F-15E स्ट्राइक ईगल है, हालांकि ईरान ने इसे F-35 होने का दावा किया था।
- कहा जा रहा है कि एक पायलट को अमेरिकी सेना ने बचा लिया है, जबकि दूसरे के ईरान में होने की खबर है।
- सर्च ऑपरेशन के लिए ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर, C-130 हरक्यूलिस और MQ-9 रीपर ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
- इज़राइल की सेना भी इस बचाव अभियान में अमेरिका की मदद कर रही है।
ईरान की सरकार और सेना का क्या कहना है?
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी IRGC ने इस विमान को मार गिराने की जिम्मेदारी ली है। ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने घोषणा की है कि जो कोई भी अमेरिकी पायलट को जिंदा पकड़कर पुलिस के हवाले करेगा, उसे इनाम दिया जाएगा। सरकार ने स्थानीय गांव वालों और कबीलों से भी पायलट की तलाश में मदद मांगी है। पहले ईरान ने पायलटों को देखते ही गोली मारने का निर्देश दिया था, जिसे बाद में बदल दिया गया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मामले की जानकारी दी गई है और पेंटागन फिलहाल स्थिति की निगरानी कर रहा है।




