UAE में EGA प्लांट पर ईरानी हमले से भारी नुकसान, काम शुरू होने में लगेगा 1 साल, प्रवासियों की सुरक्षा बढ़ी.
संयुक्त अरब अमीरात की दिग्गज कंपनी Emirates Global Aluminium (EGA) ने अपने अल तवीला (Al Taweelah) प्लांट पर हुए ईरानी हमलों के बाद पहली रिपोर्ट जारी की है. 28 मार्च को हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों की वजह से प्लांट को बहुत ज़्यादा नुकसान पहुँचा है. कंपनी ने बताया कि अब इस बड़े उत्पादन केंद्र को फिर से पूरी तरह शुरू करने में कम से कम 12 महीने यानी एक साल तक का समय लग सकता है. फिलहाल पूरे प्लांट को खाली करा लिया गया है और सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं.
हमले से कितना नुकसान हुआ और मौजूदा स्थिति क्या है?
ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों ने अबू धाबी के खलीफा इकोनॉमिक ज़ोन (KEZAD) में स्थित इस प्लांट को अपना निशाना बनाया था. हमले के तुरंत बाद प्लांट के स्मेल्टर, पावर प्लांट, एल्युमिना रिफाइनरी और रीसाइक्लिंग प्लांट को पूरी तरह से बंद करना पड़ा. कंपनी के सीईओ अब्दुलनासिर बिन कलवान ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता कर्मचारियों की सुरक्षा है. हमलों में कुछ कर्मचारी घायल भी हुए हैं, हालांकि अच्छी बात यह है कि किसी की जान को खतरा नहीं है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस रुकावट से दुनिया भर के एल्युमिनियम बाज़ार पर बड़ा असर पड़ेगा.
आंकड़ों और महत्वपूर्ण जानकारी पर एक नज़र
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि उन्होंने ईरान की तरफ से आने वाली सैकड़ों मिसाइलों और हजारों ड्रोन्स को हवा में ही नष्ट कर दिया था. लेकिन मलबे गिरने और सीधे हमलों से प्लांट की मशीनों को भारी क्षति पहुँची है.
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| हमले की तारीख | 28 मार्च 2026 |
| रिपोर्ट की तारीख | 3 अप्रैल 2026 |
| सुधार में समय | लगभग 12 महीने |
| उत्पादन पर असर | 3 से 3.5 मिलियन टन की कमी |
| अन्य प्रभावित जगह | बहरीन का Alba प्लांट |
प्रवासियों और औद्योगिक बाज़ार पर क्या असर होगा?
दुबई और अबू धाबी में रहने वाले प्रवासियों, खासकर जो लोग औद्योगिक क्षेत्रों में काम करते हैं, उनके लिए सुरक्षा चिंताएं बढ़ी हैं. एल्युमिनियम का उत्पादन रुकने से आने वाले समय में इससे जुड़ी चीज़ों के दाम बढ़ सकते हैं. अधिकारियों ने बताया कि प्लांट के कुछ हिस्सों में पिघला हुआ मेटल जम गया है, जिसे साफ करने और मशीनों को फिर से चालू करने में काफी मेहनत और पैसा खर्च होगा. फिलहाल सुरक्षा कारणों से लगभग 850 मिलियन डॉलर के नए प्रोजेक्ट्स और अपग्रेड के काम को भी आगे के लिए टाल दिया गया है. यूएई सरकार और रक्षा विभाग स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए हैं.




