ईरान में अमेरिकी लड़ाकू विमान गिरा, स्पेशल फोर्स ने दूसरे पायलट को भी सुरक्षित निकाला, 3 दिन चला मिशन
ईरान के ऊपर मार गिराए गए अमेरिकी F-15E लड़ाकू विमान के दूसरे क्रू मेंबर को भी सुरक्षित बचा लिया गया है। रविवार 5 अप्रैल 2026 को अमेरिकी स्पेशल फोर्स ने एक बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद इस मिशन को पूरा किया। यह विमान शुक्रवार 3 अप्रैल को ईरान की सीमा में गिरा था, जिसके बाद से ही लगातार सर्च मिशन चलाया जा रहा था। इस सफल ऑपरेशन के बाद सभी अमेरिकी कमांडो और सुरक्षा बल ईरान से सुरक्षित बाहर निकल गए हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन और घटना से जुड़ी अहम जानकारी
इस पूरे मिशन के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच भारी तनाव देखा गया। रेस्क्यू ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण था क्योंकि इसे ईरान के अंदर घुसकर अंजाम दिया गया। घटना के मुख्य बिंदु नीचे दी गई टेबल में देखे जा सकते हैं:
| तारीख | मुख्य घटनाक्रम |
|---|---|
| 3 अप्रैल 2026 | F-15E विमान ईरान में गिरा और पहले पायलट को बचाया गया |
| 4 अप्रैल 2026 | दूसरे क्रू मेंबर की तलाश के लिए ज़मीन पर कमांडो तैनात रहे |
| 5 अप्रैल 2026 | अमेरिकी स्पेशल फोर्स ने दूसरे सदस्य को सुरक्षित रेस्क्यू किया |
इजरायल ने इस खोज अभियान के दौरान अमेरिका को खुफिया जानकारी देकर मदद की। रेस्क्यू के समय अमेरिकी हेलीकॉप्टरों पर ईरान की तरफ से गोलीबारी भी हुई, जिससे कुछ अमेरिकी जवान घायल हुए। हालांकि सभी विमान अपने बेस पर सुरक्षित वापस लौट आए हैं। विमान की पहचान RAF Lakenheath स्थित 494वें स्क्वाड्रन के तौर पर की गई है।
अमेरिका और ईरान का क्या है कहना?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस पूरे मामले की जानकारी दी गई है। उन्होंने इसे सीधे तौर पर युद्ध जैसी स्थिति करार दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इस विमान के गिरने से ईरान के साथ होने वाली किसी भी संभावित बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। दूसरी तरफ ईरान के सरकारी मीडिया ने शुरुआत में दावा किया था कि उन्होंने अमेरिका का F-35 विमान गिराया है, लेकिन बाद में विमान के मलबे से इसकी सही पहचान हुई। ईरान के स्थानीय व्यापारियों ने लापता पायलट को पकड़ने वाले को इनाम देने की भी घोषणा की थी।




