OPEC+ का बड़ा फैसला, मई से तेल उत्पादन में होगी 2,06,000 बैरल की कटौती, UAE और सऊदी समेत 8 देशों ने लिया निर्णय.
OPEC+ के आठ प्रमुख देशों ने मिलकर ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए एक नया और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। 5 अप्रैल 2026 को हुई एक वर्चुअल मीटिंग में इन देशों ने तय किया है कि मई महीने से कच्चे तेल के उत्पादन में 2,06,000 बैरल प्रति दिन की कमी की जाएगी। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर के तेल बाज़ार में सप्लाई और डिमांड के बीच सही तालमेल बिठाना है ताकि बाज़ार में किसी तरह की अस्थिरता पैदा न हो।
किन देशों ने मिलकर लिया है यह बड़ा फैसला?
इस महत्वपूर्ण वर्चुअल मीटिंग में आठ बड़े तेल उत्पादक देशों ने हिस्सा लिया और अपनी सहमति दी। इन देशों में संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, रूस, इराक, कुवैत, कजाकिस्तान, अल्जीरिया और ओमान का नाम प्रमुखता से शामिल है। इन सभी देशों ने बाज़ार की मौजूदा स्थिति और भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा करने के बाद यह निर्णय लिया है। यह कदम पुराने नियमों और समझौतों के तहत ही उठाया गया है ताकि कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों पर नियंत्रण रखा जा सके।
उत्पादन में बदलाव और इससे जुड़ी कुछ मुख्य जानकारी
मई महीने से लागू होने वाले इस फैसले के बारे में कुछ ज़रूरी बातें नीचे दी गई टेबल में देखी जा सकती हैं। यह जानकारी उन प्रवासियों और कारोबारियों के लिए भी ज़रूरी है जो तेल की कीमतों में होने वाले बदलावों पर नज़र रखते हैं।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| उत्पादन में कमी | 2,06,000 बैरल प्रति दिन |
| लागू होने की तारीख | मई 2026 से |
| कुल अतिरिक्त कटौती का हिस्सा | 1.65 मिलियन बैरल प्रति दिन (अप्रैल 2023 के आधार पर) |
| शामिल देशों की संख्या | 8 OPEC+ देश |
| मुख्य उद्देश्य | ग्लोबल ऑयल मार्केट में स्थिरता बनाए रखना |
इन देशों ने फिर से दोहराया है कि वे बाज़ार की परिस्थितियों की लगातार निगरानी करते रहेंगे। यह फैसला उन स्वैच्छिक कटौतियों का हिस्सा है जिनका एलान पहले भी किया जा चुका है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि तेल के उत्पादन और कीमतों का सीधा असर गल्फ देशों की अर्थव्यवस्था और वहां की नौकरियों पर पड़ता है।




