इसराइल और अमेरिका ने तेहरान की यूनिवर्सिटी पर की बमबारी, अमेरिकी सांसद ने अपनी ही सरकार को घेरा
अमेरिका और इसराइल की सेनाओं ने सोमवार 6 अप्रैल 2026 की सुबह ईरान की राजधानी तेहरान में स्थित शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी पर हवाई हमला किया है। इस हमले के बाद अमेरिका की ही डेमोक्रेटिक कांग्रेस महिला यासमीन अंसारी ने अपनी सरकार की आलोचना की है और सवाल पूछा है कि 1 करोड़ की आबादी वाले शहर में यूनिवर्सिटी पर बमबारी क्यों की जा रही है। उन्होंने कहा कि शरीफ यूनिवर्सिटी ईरान की एमआईटी (MIT) जैसी है जिसने अमेरिकी कंपनियों को कई इंजीनियर दिए हैं।
हमले में हुए नुकसान और अधिकारियों के बयान
शरीफ यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट मसूद तजरीशी ने पुष्टि की है कि अमेरिकी और इसराइली हमले में यूनिवर्सिटी की इमारतों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि राहत की बात यह रही कि कैंपस में किसी की जान नहीं गई क्योंकि छात्र ऑनलाइन क्लास ले रहे थे और कैंपस खाली था। इस हमले से जुड़ी कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा आरिफ ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे बंकर-बस्टर बमों का गलत इस्तेमाल बताया है।
- ईरानी मीडिया के अनुसार हमले की वजह से पास के नेचुरल गैस स्टेशन को भी नुकसान हुआ जिससे आसपास के इलाकों में गैस की सप्लाई रुक गई है।
- इजरायली सेना ने तेहरान में अपना सैन्य ऑपरेशन पूरा होने की घोषणा कर दी है।
- ईरानी सेना ने चेतावनी दी है कि अगर नागरिक ठिकानों पर हमले जारी रहे तो वे बहुत विनाशकारी पलटवार करेंगे।
हमले का कारण और क्षेत्र में तनाव की स्थिति
रिपोर्ट्स के अनुसार इस हमले में यूनिवर्सिटी के उस डेटा सेंटर को निशाना बनाया गया है जो ईरान के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म के लिए मुख्य आधार है। इस यूनिवर्सिटी पर पहले से ही कई देशों ने प्रतिबंध लगा रखे हैं क्योंकि इस पर ईरान के मिसाइल प्रोग्राम से जुड़े होने के आरोप लगते रहे हैं। फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच 45 दिनों के युद्धविराम की चर्चा चल रही है लेकिन हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।
| महत्वपूर्ण जानकारी | विवरण |
|---|---|
| घटना की तारीख | 6 अप्रैल 2026 |
| कुल मौतें (पूरे तेहरान में) | 25 से अधिक लोग |
| निशाना बनाया गया संस्थान | Sharif University of Technology |
| मिसाइल हमला | ईरान ने इजराइल और खाड़ी पड़ोसियों की तरफ मिसाइलें दागीं |
| मुख्य चिंता | हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करना |
ईरान के उप विदेश मंत्री ने कहा है कि बिजली घरों और पुलों को नष्ट करने की अमेरिकी धमकी अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकती है। दूसरी तरफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को हॉर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए अल्टीमेटम दिया हुआ है जिससे युद्ध का खतरा और बढ़ गया है। खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि तनाव बढ़ने से उड़ानों और व्यापारिक रूट पर असर पड़ सकता है।




