Strait of Hormuz में भारत के 16 टैंकरों को पकड़ने का दावा निकला गलत, मंत्रालय ने जारी किया ताजा अपडेट.
सोशल मीडिया पर सऊदी अरब के एक न्यूज़ हैंडल द्वारा भारत के 16 जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में हिरासत में लिए जाने का दावा किया जा रहा है। भारतीय आधिकारिक सूत्रों और शिपिंग मंत्रालय ने इस खबर की पुष्टि नहीं की है और इसे भ्रामक बताया है। भारत सरकार खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अपने सभी जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है और उनकी आवाजाही पर लगातार नजर रख रही है।
भारतीय जहाजों की सुरक्षा और नाविकों का हाल
भारत के पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार इस समय फारस की खाड़ी के पश्चिमी हिस्से में करीब 16 से 18 भारतीय जहाज मौजूद हैं। इन जहाजों पर लगभग 460 से 485 भारतीय नाविक काम कर रहे हैं जो पूरी तरह सुरक्षित बताए गए हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज के साथ कोई दुर्घटना या अनहोनी नहीं हुई है। भारतीय दूतावास और डीजी शिपिंग लगातार इन जहाजों के मालिकों के साथ तालमेल बिठाकर काम कर रहे हैं ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही की ताज़ा स्थिति
क्षेत्र में जारी तनाव के बावजूद भारतीय जहाजों का आना-जाना पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। हाल के दिनों में कई भारतीय एलपीजी टैंकरों ने इस रास्ते को सुरक्षित तरीके से पार किया है। सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जहाजों की स्थिति कुछ इस प्रकार है:
- Green Sanvi और Green Asha: इन जहाजों ने अप्रैल के पहले हफ्ते में ही सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर लिया है।
- Jag Vikram: यह जहाज फिलहाल क्षेत्र में है और अपनी आगे की यात्रा के लिए सुरक्षा निर्देशों की प्रतीक्षा कर रहा है।
- डिप्लोमैटिक बातचीत: भारत सरकार ईरान के अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत कर रही है ताकि भारतीय जहाजों को निकलने के लिए सुरक्षित रास्ता मिलता रहे।
- सुरक्षित रास्ता: ईरान ने भारत जैसे मित्र देशों के जहाजों को अपने स्वीकृत मार्गों से जाने की अनुमति दी है ताकि व्यापार प्रभावित न हो।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के व्यापार के लिए एक बहुत जरूरी रास्ता है और भारत अपने समुद्री व्यापार को सुरक्षित रखने के लिए सभी जरूरी अंतरराष्ट्रीय कदम उठा रहा है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और उनके परिवारों को फिलहाल चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि सरकार ने सभी हालात को नियंत्रण में बताया है और जहाजों की निगरानी की जा रही है।




