अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच जंग हुई तेज, अब तक 2000 से ज्यादा मौतें, कुवैत के तेल रिफाइनरी पर भी गिरा ड्रोन.
मिडिल ईस्ट में हालात हर बीतते दिन के साथ खराब होते जा रहे हैं और अब मौतों का आंकड़ा डराने लगा है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच चल रहे इन हमलों में अब तक हजारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। ईरान और लेबनान में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बनी हुई है, जहां आम नागरिकों के साथ-साथ बच्चों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। हमलों की वजह से लाखों लोग बेघर हो गए हैं और बुनियादी सुविधाओं पर बड़ा असर पड़ा है।
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जंग में हुए जान-माल के नुकसान का पूरा विवरण
6 अप्रैल 2026 तक की जानकारी के अनुसार, इस युद्ध में ईरान और लेबनान को सबसे ज्यादा चोट पहुंची है। सरकारी आंकड़ों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नुकसान की स्थिति कुछ इस प्रकार है:
| देश/स्थान | मारे गए लोग | अन्य जानकारी |
|---|---|---|
| Iran | 2,076 से ज्यादा | 26,500 लोग घायल हुए हैं |
| Lebanon | 1,200 से अधिक | 10 लाख लोग विस्थापित हुए |
| Israel | 19 लोग | 10 सैनिक लेबनान में मारे गए |
| Minab School (Iran) | 170 से ज्यादा | इसमें 168 बच्चे शामिल थे |
कुवैत पर हमला और ट्रंप की नई चेतावनी
- कुवैत ने जानकारी दी है कि ईरान की तरफ से किए गए हमले में उनके एक तेल रिफाइनरी और पानी साफ करने वाले प्लांट को निशाना बनाया गया है।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को मंगलवार तक नहीं खोला, तो वे वहां के पावर प्लांट और पुलों को तबाह कर देंगे।
- ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने ट्रंप की इस धमकी को युद्ध अपराध करने की कोशिश बताया है।
- ईरान ने अमेरिका की तरफ से दिए गए 48 घंटे के युद्धविराम के प्रस्ताव को पूरी तरह ठुकरा दिया है।
- पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र इस जंग को रोकने के लिए लगातार मध्यस्थता करने की कोशिश में जुटे हुए हैं।
- अल जजीरा की जांच में पता चला है कि बमबारी में ईरान के कम से कम 75 सुरक्षा ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है।




