West Asia Conflict: ईरान से 1,777 भारतीयों को सुरक्षित लाया गया वापस, आर्मेनिया और अज़रबैजान ने की भारत की बड़ी मदद.
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत सरकार ने ईरान से अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने का काम पूरा कर लिया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने सोमवार 6 अप्रैल 2026 को जानकारी दी कि अब तक कुल 1,777 भारतीय नागरिकों को ईरान से वापस लाया जा चुका है। इन लोगों को आर्मेनिया और अज़रबैजान के रास्तों से ट्रांजिट कराकर भारत पहुँचाया गया है। सरकार ने बताया कि यह ऑपरेशन पिछले दो महीनों से जारी तनाव के बीच चलाया जा रहा है।
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ईरान से भारतीयों को कैसे निकाला गया और इसमें किन देशों ने मदद की?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal के अनुसार, तेहरान में भारतीय दूतावास ने इन निकासी प्रयासों का तालमेल बिठाया है। इस पूरे ऑपरेशन में आर्मेनिया और अज़रबैजान ने भारत को ज़मीनी और हवाई रास्ता देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कुल 1,777 लोगों में से 1,545 लोग आर्मेनिया के रास्ते और 234 लोग अज़रबैजान के रास्ते भारत पहुँचे हैं। विदेश मंत्री S. Jaishankar ने आर्मेनिया के विदेश मंत्री Ararat Mirzoyan का इस मदद के लिए विशेष रूप से आभार जताया है।
वापस आने वालों में कौन-कौन शामिल हैं और ताजा आंकड़े क्या हैं?
वापस आने वाले भारतीयों में बड़ी संख्या में छात्र और मछुआरे शामिल हैं। सरकार ने बताया कि इस पूरे अभियान के दौरान न केवल भारतीयों बल्कि पड़ोसी देशों के नागरिकों की भी मदद की गई है। इसके मुख्य आंकड़े नीचे दिए गए हैं:
| जानकारी | आंकड़े / विवरण |
|---|---|
| कुल वापस आए भारतीय | 1,777 |
| भारतीय छात्र | 895 |
| भारतीय मछुआरे | 345 |
| मदद किए गए विदेशी नागरिक | 2 (बांग्लादेश और श्रीलंका) |
| पश्चिम एशिया से कुल वापसी (फरवरी से) | 6.49 लाख लगभग |
5 अप्रैल 2026 को 345 मछुआरों का जत्था दक्षिण ईरान से आर्मेनिया होते हुए चेन्नई पहुँचा। भारत सरकार ने इसके लिए स्पेशल कंट्रोल रूम बनाया है जो 24 घंटे काम कर रहा है। खाड़ी देशों और ईरान में रहने वाले भारतीयों के लिए समय-समय पर एडवाइजरी जारी की जा रही है। ईरान से आने वाले रास्तों को आर्मेनिया और अज़रबैजान के ज़रिए जोड़ा गया है, जबकि इसराइल से आने वाले लोग मिस्र और जॉर्डन के रास्ते लाए जा रहे हैं।




