इसराइल ने ईरान के इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले का दिया आदेश, डिफेंस मिनिस्टर बोले पूरी ताकत से होगी कार्रवाई
इसराइल और ईरान के बीच चल रही जंग अब और भी तेज हो गई है. इसराइली डिफेंस मिनिस्टर Israel Katz ने सेना को सीधा आदेश दिया है कि ईरान के अहम ठिकानों को पूरी ताकत के साथ निशाना बनाया जाए. इस टकराव का असर अब खाड़ी देशों पर भी दिखने लगा है, जहां सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है. खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है क्योंकि ईरान ने पड़ोसी देशों की तरफ भी मिसाइलें दागी हैं.
इसराइल की सेना ने किन जगहों को बनाया निशाना?
डिफेंस मिनिस्टर Israel Katz ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि सेना अब ईरान के नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर को तबाह करने पर ध्यान दे रही है. इस कार्रवाई के तहत ईरान के स्टील और पेट्रोकेमिकल उद्योगों को भारी नुकसान पहुँचाया गया है. इसराइल का मानना है कि इन जगहों से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल मिसाइल बनाने में किया जा रहा था.
- Asaluyeh में स्थित साउथ पार्स पेट्रोकेमिकल प्लांट पर बड़ा हमला किया गया, जो ईरान के कुल उत्पादन का 50 प्रतिशत हिस्सा है.
- तेहरान में सरकारी ठिकानों पर हुए हमलों में कम से कम 25 लोगों के मारे जाने की खबर है.
- इसराइली सेना ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के इंटेलिजेंस चीफ को भी एक हमले में मार गिराया है.
- आने वाले दिनों में ईरान के ऊर्जा ठिकानों और बिजली घरों पर भी हमले की तैयारी की जा रही है.
ईरान का पलटवार और खाड़ी देशों पर इसका असर
ईरान ने भी चुप न बैठने की चेतावनी दी है और कई मिसाइलें इसराइल के Haifa और Tel Aviv जैसे शहरों की तरफ दागी हैं. इसके अलावा, ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी उद्योगों और ठिकानों को भी निशाना बनाने की कोशिश की है. सऊदी अरब, UAE और कुवैत ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया है ताकि आने वाले खतरों को हवा में ही खत्म किया जा सके. प्रवासियों के लिए सलाह है कि वे स्थानीय खबरों और दूतावास के निर्देशों पर नजर रखें.
| देश/नेता | ताजा घटनाक्रम और बयान |
|---|---|
| Donald Trump | 7 अप्रैल तक होर्मुज जलडमरूमध्य न खोलने पर ईरान के पुलों को उड़ाने की धमकी दी. |
| ईरान सेना | सिविलियन इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमला होने पर और भी भयानक जवाबी कार्रवाई की चेतावनी. |
| Gulf देश | UAE, बहरीन और सऊदी अरब ने ईरानी ड्रोन और मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर गिराया. |
| मध्यस्थ देश | मिस्र, पाकिस्तान और तुर्की 45 दिनों के युद्धविराम के लिए कोशिश कर रहे हैं. |
इस पूरे मामले में अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने चिंता जताई है. यूरोपीय संघ का कहना है कि रिहायशी या आम लोगों के काम आने वाले इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है. फिलहाल खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों को डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि स्थानीय सरकारों ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, लेकिन युद्ध की वजह से उड़ानों के रूट में बदलाव होने की संभावना है.




