Hormuz Strait Crisis: ईरान ने बंद किया समुद्र का रास्ता, ट्रंप ने दी हमला करने की चेतावनी, खाड़ी देशों में तेल संकट गहराया.
खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है क्योंकि ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है। इस फैसले ने पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार को हिलाकर रख दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए सोमवार तक की समयसीमा तय की है। यदि यह समुद्री रास्ता नहीं खुलता है, तो अमेरिका ईरान के बिजली घरों और पुलों जैसे महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमला कर सकता है। ईरान ने भी साफ कर दिया है कि वह किसी भी दबाव में झुकने वाला नहीं है।
ℹ: इसराइल ने ईरान के मिसाइल ठिकानों और एयरपोर्ट पर बोला हमला, कई फाइटर जेट और हेलीकॉप्टर हुए खाक।
ईरान की नई शर्तें और अमेरिका की चेतावनी क्या है?
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के नेवल कमांड ने घोषणा की है कि हॉर्मुज की स्थिति अब पहले जैसी नहीं रहेगी, खासकर अमेरिका और इसराइल के लिए। ईरान ने इसे एक ‘नया पर्शियन गल्फ ऑर्डर’ बताया है। ईरान ने अस्थायी संघर्षविराम के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और मांग की है कि युद्ध को पूरी तरह खत्म किया जाए। उनकी शर्तों में प्रतिबंधों को हटाना और नुकसान की भरपाई की गारंटी शामिल है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वे किसी भी धमकी के सामने समझौता नहीं करेंगे।
तेल की सप्लाई और खाड़ी देशों पर इसका क्या असर होगा?
हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक तेल बाजार में बड़ी गिरावट की आशंका है। खाड़ी देशों से होने वाली तेल सप्लाई पर इसका सीधा असर पड़ा है। ओपेक देशों ने उत्पादन बढ़ाने की बात कही है, लेकिन तेल के बुनियादी ढांचे को होने वाले नुकसान की भरपाई में लंबा समय लग सकता है।
| प्रमुख जानकारी | विवरण |
|---|---|
| डेडलाइन | सोमवार, 6 अप्रैल 2026 तक रास्ता खोलने का समय |
| तेल की कमी | प्रतिदिन 1.2 करोड़ बैरल सप्लाई प्रभावित होने का अनुमान |
| ईरान का रुख | स्थायी युद्धविराम और प्रतिबंधों को हटाने की मांग |
| ट्रंप की धमकी | बिजली संयंत्रों और पुलों पर मंगलवार तक हमला करने की बात |
| जीसीसी का बयान | ईरान का जहाजों से पैसा वसूलना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन |
भारतीय प्रवासियों और आम जनता पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी गंभीर है। समुद्री रास्ता बंद होने से खाड़ी देशों में जरूरी सामानों की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। यूएई, सऊदी अरब और कुवैत जैसे देशों ने इस बंद को लेकर चिंता जताई है। यूएई के अधिकारियों का कहना है कि समुद्र के रास्ते को खुला रखना वैश्विक शांति के लिए बहुत जरूरी है। अगर तनाव और बढ़ता है, तो भविष्य में विमान सेवाओं और यात्रा के खर्च पर भी असर पड़ सकता है। भारत और अन्य एशियाई देशों को जाने वाली ऊर्जा सप्लाई भी इस संकट की वजह से महंगी हो सकती है।




