6 अप्रैल 2026 को इसराइली सेना ने ईरान के खिलाफ एक बड़ी सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया है। इसराइल के लड़ाकू विमानों ने ईरान के मिसाइल बनाने वाले कारखानों, स्टोरेज सेंटर और लॉन्च पैड्स पर जोरदार बमबारी की है। इस हमले में ईरान के कई अहम ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है और खाड़ी के देशों में इस खबर के बाद हलचल काफी तेज हो गई है।

हमले में इन प्रमुख जगहों को बनाया गया निशाना

इसराइली रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने पुष्टि की है कि उनकी सेना ने ईरान के दक्षिण पार्स पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हमला किया है जो ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत जरूरी माना जाता है। तेहरान के तीन अलग-अलग हवाई अड्डों पर भी हमला हुआ है जहां ईरानी वायु सेना के कई लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर तैनात थे।

  • दक्षिण पार्स पेट्रोकेमिकल: यहां ईरान का लगभग 50 प्रतिशत केमिकल उत्पादन होता है जिसे अब ठप कर दिया गया है।
  • हवाई अड्डे: बहराम, मेहराबाद और अजमायेश एयरपोर्ट पर दर्जनों विमान और हेलीकॉप्टर तबाह हुए हैं।
  • शरीफ यूनिवर्सिटी: तेहरान की इस यूनिवर्सिटी को भी मिसाइल प्रोग्राम से जुड़े होने के कारण निशाना बनाया गया है।
  • मिसाइल कारखाने: बैलिस्टिक मिसाइल के खास पुर्जे बनाने वाले दो बड़े कारखानों पर सीधी स्ट्राइक हुई है।

ईरान की प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय स्थिति

इस हमले में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के इंटेलिजेंस चीफ मेजर जनरल माजिद खादेमी की मौत हो गई है। ईरान ने इस कार्रवाई के बाद बदला लेने की बात कही है और किसी भी तरह के युद्धविराम प्रस्ताव को मानने से साफ इनकार कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने भी बुशहर परमाणु संयंत्र के पास हुए इन हमलों के कारण रेडियोलॉजिकल दुर्घटना की चेतावनी दी है।

  • ईरान सरकार
  • मुख्य पक्ष वर्तमान स्थिति और अपडेट
    डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए डेडलाइन दी है।
    तेहरान ने शांति प्रस्ताव को ठुकरा कर पाकिस्तान के जरिए अपना जवाब भेजा है।
    IRGC अपने इंटेलिजेंस चीफ की मौत के बाद ऑपरेशन क्रशिंग रिवेंज की कसम खाई है।
    हुथी विद्रोही ईरान के समर्थन में दक्षिणी इसराइल के सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा किया है।