यमन के हूती विद्रोहियों ने इसराइल पर किया हमला, ईरान और हिज्बुल्ला के साथ मिलकर बनाई रणनीति.
यमन के हूती विद्रोहियों ने एक बार फिर इसराइल को निशाना बनाया है और इस बार हमले में ईरान और लेबनान के हिज्बुल्ला के शामिल होने का दावा किया गया है. 7 अप्रैल 2026 को आई इस खबर के अनुसार हूतियों ने इसराइल के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर हमला किया है. यह हमला लाल सागर के पास स्थित इलात शहर को ध्यान में रखकर किया गया था. हूतियों का कहना है कि वे इस लड़ाई को धीरे-धीरे आगे बढ़ाएंगे और जरूरत पड़ने पर हमले तेज भी किए जा सकते हैं.
हूतियों के इस हमले के पीछे क्या दावे किए जा रहे हैं?
हूती सैन्य प्रवक्ता Yahya Sarea ने बताया कि यह ऑपरेशन ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और लेबनान के हिज्बुल्ला के साथ तालमेल बिठाकर किया गया है. उनका कहना है कि हमले ने अपने लक्ष्यों को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है. दूसरी तरफ एक वरिष्ठ हूती अधिकारी Mohammed Ali Al-Houthi ने यह भी साफ किया कि इसराइल पर हमला करने का फैसला उनका अपना स्वतंत्र निर्णय था. उनका कहना है कि वे केवल मुस्लिम देशों की सुरक्षा के लिए यह कदम उठा रहे हैं और अमेरिका के साथ युद्धविराम का पालन करने को तैयार हैं बशर्ते वाशिंगटन भी अपनी प्रतिबद्धता दिखाए.
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के मुख्य बिंदु
- इसराइली सेना यानी IDF ने पुष्टि की है कि उन्होंने यमन की ओर से आ रही कई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही मार गिराया है.
- IDF के प्रवक्ता Effie Defrin ने संकेत दिए हैं कि वे एक साथ कई मोर्चों पर जंग लड़ने की तैयारी कर रहे हैं.
- संयुक्त राष्ट्र के दूत Hans Grundberg ने हूतियों को चेतावनी दी है कि वे देश को बड़े संघर्ष में न धकेलें जिससे आम जनता को नुकसान हो.
- हूतियों ने 28 मार्च 2026 से इसराइल पर फिर से हमले शुरू किए हैं जो साल 2025 में हुए युद्धविराम के बाद पहली बड़ी कार्रवाई है.
- यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने भी ईरान की इस मामले में दखलंदाजी की कड़ी निंदा की है.




