ईरान पर अमेरिका और इसराइल का बड़ा हमला, 17 रिहायशी इलाकों में बमबारी, 15 लोगों की मौत और भारी तबाही
ईरान और इसराइल के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष अब बेहद गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। 7 अप्रैल 2026 को ईरानी रेड क्रिसेंट ने जानकारी दी कि अमेरिका और इसराइल की सेनाओं ने ईरान के 17 नागरिक इलाकों पर भीषण बमबारी की है। इस ताजा हमले में कम से कम 15 लोगों की मौत की खबर है, जबकि इससे एक दिन पहले भी हमलों में 49 नागरिकों की जान गई थी। संयुक्त राष्ट्र ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला करना प्रतिबंधित है।
हमले में कहां-कहां हुआ सबसे ज्यादा नुकसान?
इस सैन्य कार्रवाई में न केवल रिहायशी इलाकों को बल्कि महत्वपूर्ण आर्थिक और सरकारी ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है। तेहरान में एक यहूदी इबादतगाह (Synagogue) के पूरी तरह तबाह होने की खबर है। इसके अलावा ईरान के कई प्रमुख हवाई अड्डों और तेल सुविधाओं पर भी मिसाइलें गिरी हैं, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
| निशाना बनाए गए मुख्य ठिकाने | विवरण |
|---|---|
| Mehrabad, Bahram और Azmayesh हवाई अड्डा | तेहरान के तीन प्रमुख एयरपोर्ट पर हमला हुआ |
| पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स | ईरान के सबसे बड़े केंद्र को निशाना बनाया गया |
| South Pars गैस फील्ड | बिजली पैदा करने वाली दो यूनिट्स पर हमला हुआ |
| विश्वविद्यालय और स्कूल | विभिन्न प्रांतों में नागरिक संस्थानों को क्षति पहुंची |
| Bushehr परमाणु प्लांट के पास के इलाके | IAEA ने परमाणु सुरक्षा पर बड़ा खतरा बताया है |
दुनिया के देशों और संस्थाओं की क्या है प्रतिक्रिया?
- ईरान ने जवाबी कार्रवाई के रूप में इसराइल और सऊदी अरब की दिशा में मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं।
- सऊदी अरब, UAE और बहरीन ने ईरान की ओर से आए इन हमलों को बीच रास्ते में ही मार गिराने का दावा किया है।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खुला, तो ईरान के हर पुल और बिजली घर को नष्ट कर दिया जाएगा।
- ईरान के सैन्य अधिकारियों ने इन धमकियों को बेतुका बताते हुए इन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत युद्ध अपराध की श्रेणी में रखा है।
- गल्फ देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है क्योंकि इससे क्षेत्रीय सुरक्षा और उड़ानों पर असर पड़ रहा है।




