Israel Iran Conflict: इसराइल ने ईरान के शिराज में पेट्रोकेमिकल प्लांट पर किया हमला, ट्रेन यात्रियों के लिए जारी की चेतावनी
मध्य पूर्व में तनाव काफी बढ़ गया है और इसराइली सेना ने ईरान के शिराज शहर में एक और पेट्रोकेमिकल कंपाउंड पर हमला करने की पुष्टि की है। यह हमला 6 अप्रैल को एक बड़े मिशन के तहत किया गया था जिसकी जानकारी 7 अप्रैल को दी गई। इसराइल का दावा है कि वह ईरान के उन ठिकानों को निशाना बना रहा है जो उनकी सेना और अर्थव्यवस्था के लिए रीढ़ की हड्डी माने जाते हैं।
ईरान में हमलों का ताज़ा अपडेट और मुख्य नुकसान
इसराइली सेना और सरकार के अनुसार इन हमलों का मकसद ईरान की कमाई के जरिया को खत्म करना है। बताया जा रहा है कि शिराज का यह प्लांट उन चुनिंदा जगहों में से एक था जो बैलिस्टिक मिसाइल और विस्फोटक बनाने के लिए जरूरी केमिकल तैयार करते थे। इससे पहले असलुयेह और महशहर के प्लांट पर भी हमले हुए थे जिससे ईरान के पेट्रोकेमिकल एक्सपोर्ट को भारी नुकसान पहुंचा है।
- प्रधानमंत्री नेतन्याहू के अनुसार ईरान का सबसे बड़ा पेट्रोकेमिकल प्लांट असलुयेह पूरी तरह नष्ट हो चुका है।
- सऊदी अरब ने भी अपने पूर्वी क्षेत्र की ओर दागी गई 7 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया है।
- ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के इंटेलिजेंस चीफ मेजर जनरल माजिद खादेमी की इस संघर्ष में मौत हो गई है।
- ईरान में पिछले 39 दिनों से इंटरनेट ब्लैकआउट जारी है और कई ग्रामीण इलाकों में फोन सेवाएं भी ठप हैं।
ट्रेन यात्रियों और आम जनता के लिए जारी हुआ अलर्ट
इसराइली सेना ने सोशल मीडिया के जरिए ईरान के नागरिकों को एक जरूरी चेतावनी दी है। इसमें लोगों से कहा गया है कि वे 7 अप्रैल की रात 9 बजे तक ट्रेनों में सफर करने या रेलवे लाइनों के पास जाने से बचें क्योंकि वहां रहना उनकी जान के लिए खतरनाक हो सकता है। यह चेतावनी ईरान में जारी हवाई हमलों के बीच सुरक्षा के लिहाज से दी गई है।
| क्षेत्र या स्थान | मौजूदा स्थिति और नुकसान |
|---|---|
| शिराज पेट्रोकेमिकल | हमले के बाद प्लांट को भारी नुकसान |
| खुर्रमाबाद एयरपोर्ट | हवाई हमला हुआ लेकिन कोई हताहत नहीं |
| पूरा ईरान | रेलवे और ट्रेन सेवा का उपयोग न करने की चेतावनी |
| सेल्सेलेह और डेलफान | कम्युनिकेशन नेटवर्क और टेलीकॉम सेवाएं बंद |
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त राष्ट्र और रेड क्रॉस ने इन हमलों पर गहरी चिंता जताई है। यूएन महासचिव ने सभी पक्षों से शांति की अपील की है जबकि परमाणु निगरानी संस्था ने बुशहर परमाणु संयंत्र के पास हो रहे हमलों को सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। दूसरी तरफ ईरान ने फिलहाल किसी भी युद्धविराम समझौते को मानने से इनकार कर दिया है और कड़ी प्रतिक्रिया देने की बात कही है।




