इसराइल ने ईरान पर किया अब तक का सबसे बड़ा हमला, कई शहरों में धमाके, सऊदी अरब ने भी गिराई मिसाइलें.
आज मंगलवार 7 अप्रैल 2026 को इसराइल ने ईरान के खिलाफ युद्ध का सबसे भारी हवाई हमला शुरू किया है. इस हमले में राजधानी तेहरान और करज जैसे शहरों में भारी धमाकों की खबरें मिली हैं. इसराइली वायुसेना ने सरकारी दफ्तरों, एयरपोर्ट और पेट्रोल केमिकल फैक्ट्रियों को अपना निशाना बनाया है. इस हमले के जवाब में ईरान ने भी इसराइल और पड़ोसी खाड़ी देशों की तरफ मिसाइलें दागी हैं जिससे पूरे इलाके में तनाव चरम पर पहुंच गया है.
ईरान में हुए हमले और नुकसान की पूरी जानकारी
इसराइली सेना ने आधिकारिक बयान में कहा है कि उन्होंने तेहरान के सरकारी ढांचे और शिराज के पास स्थित बड़ी पेट्रोकेमिकल फैक्ट्री को तबाह कर दिया है. हमलों के दौरान तेहरान में एक यहूदी इबादतगाह Rafi-Nia Synagogue के भी पूरी तरह नष्ट होने की खबर है. सोमवार से जारी इन हमलों में अब तक 25 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
- Tehran: राजधानी में धमाके हुए और एयरपोर्ट के पास बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा.
- Karaj: तेहरान के पास स्थित इस शहर में कई विस्फोटों की आवाज सुनी गई.
- Shiraz: मिसाइल बनाने के काम आने वाली बड़ी पेट्रोकेमिकल फैक्ट्री पर हमला हुआ.
- चेतावनी: इसराइली सेना ने ईरान के आम लोगों को ट्रेन और रेलवे लाइनों से दूर रहने को कहा है.
सऊदी अरब और अमेरिका की तरफ से क्या अपडेट आया है?
इस युद्ध का असर अब सऊदी अरब तक पहुंच गया है. सऊदी रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उन्होंने अपने पूर्वी हिस्से की तरफ आती बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया है. इन मिसाइलों का मलबा तेल सुविधा केंद्रों के पास गिरा है. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को मंगलवार रात 8 बजे तक का अल्टीमेटम दिया है कि वह Strait of Hormuz का रास्ता खोल दे वरना उसके बिजली घरों और पुलों को तबाह कर दिया जाएगा.
| संस्था | महत्वपूर्ण बयान और कार्रवाई |
|---|---|
| Saudi Arabia | मिसाइलों को हवा में ही रोका और किंग फहद कॉजवे को दोबारा खोल दिया गया. |
| USA | Strait of Hormuz खोलने के लिए मंगलवार रात 8 बजे तक की समय सीमा तय की. |
| United Nations | संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि आम नागरिक सुविधाओं पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है. |
| Iran | ईरान ने युद्ध विराम के प्रस्ताव को ठुकरा दिया और युद्ध को पूरी तरह खत्म करने की मांग की. |
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर क्या होगा असर?
ईरान और इसराइल के बीच बढ़ती इस जंग ने खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों की चिंता बढ़ा दी है. सऊदी अरब और बहरीन के बीच बने किंग फहद कॉजवे को सुरक्षा के मद्देनजर कुछ घंटों के लिए बंद करना पड़ा था. मिसाइल हमलों और हवाई सुरक्षा अलर्ट की वजह से सफर करने वाले यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद आज इस पूरे मामले पर बैठक कर वोटिंग करने वाली है जिससे आगे के हालात तय होंगे.




